हरियाणा के करनाल में शुक्रवार रात एक सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। गांधी नगर क्षेत्र में कुछ युवकों ने अपने ही पुराने दोस्त पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपियों ने युवक के चेहरे, छाती और पेट पर कई बार वार किए, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और अंततः उसकी जान चली गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रामनगर की वाल्मीकि बस्ती निवासी 22 वर्षीय अंकुश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शुक्रवार देर रात अपने दोस्त मोहित से मिलने गया था। रात करीब साढ़े नौ बजे वह दोस्त के घर के पास गली में खड़ा था। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद चार से पांच युवक उसके पास पहुंचे और अचानक उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो आरोपियों ने अंकुश को पकड़ लिया, जबकि तीसरे ने चाकू से उस पर हमला करना शुरू कर दिया। पहले उसके मुंह पर वार किया गया, फिर छाती और बाद में पेट पर लगातार चाकू मारे गए। कुल 11 वार किए गए, जिनमें से नौ गहरे घाव बताए जा रहे हैं। इतने गंभीर हमले के कारण युवक लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
अंकुश की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग और उसके दोस्त मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही रामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और सबूत जुटाए। मौके से खून के निशान, संघर्ष के संकेत और अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों की गतिविधियों का पता चल सके।
मृतक के पिता सुरेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद युवकों समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में बताया गया है कि अंकुश का पहले भी इन युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस अब पुराने झगड़ों और आपसी रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।
इस बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जो कथित तौर पर अस्पताल में इलाज के दौरान बनाया गया बताया जा रहा है। वीडियो में घायल युवक ने पीयूष, अज्जू और सोनू नाम के युवकों का नाम लिया है। पुलिस इस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और इसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे असली कारण क्या था — पुरानी दुश्मनी, व्यक्तिगत विवाद या कोई अन्य वजह।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में युवकों के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़े बढ़ते जा रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि पहले भी इन युवकों के बीच कहासुनी हो चुकी थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि मामला हत्या तक पहुंच जाएगा। लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर सख्ती करने की मांग की है।
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में बढ़ती हिंसा चिंता का विषय है। छोटी बातों पर हथियार उठाना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और आक्रोश को दर्शाता है। उनका कहना है कि परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर ऐसे मामलों को रोकने के लिए काम करना होगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर युवाओं में इतना गुस्सा और हिंसा क्यों बढ़ रही है। क्या यह बेरोजगारी का असर है, सामाजिक तनाव का परिणाम है या फिर गलत संगत का नतीजा? विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या का समाधान केवल कानून से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता से भी संभव है।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी वारदात करने से पहले सौ बार सोचे।
यह दर्दनाक घटना न केवल एक परिवार के सपनों को तोड़ गई, बल्कि पूरे इलाके को यह सोचने पर मजबूर कर गई कि समाज में बढ़ती हिंसा को कैसे रोका जाए। पुलिस की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया अब इस मामले में अहम भूमिका निभाएगी।
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