उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी से ठीक दो महीने पहले एक युवक रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और खुशियों का माहौल था, वहां अब मातम जैसा सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के लोगों की आंखों में आंसू हैं और सभी युवक की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।

यह मामला मानिकपुर थाना क्षेत्र के ककरौहली गांव का है। यहां रहने वाला 20 वर्षीय युवक राजकरण उर्फ राजा 2 मार्च की रात से अचानक गायब हो गया है। परिजनों के अनुसार, उस दिन गांव के बरम बाबा मंदिर में भंडारे का आयोजन था। राजकरण भी परिवार के साथ वहां गया था और भंडारे के बाद घर लौट आया। घर लौटने के बाद उसने खाना खाया और सोने के लिए अपने कमरे में चला गया।
लेकिन अगली सुबह जब परिवार के लोग जागे, तो राजकरण अपने बिस्तर पर नहीं था। पहले तो परिजनों को लगा कि वह कहीं आसपास गया होगा, लेकिन काफी देर तक तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। जब घर में तलाश की गई तो उसका मोबाइल फोन और चप्पल वहीं रखे मिले। इस बात ने परिवार की चिंता और भी बढ़ा दी, क्योंकि बिना मोबाइल और चप्पल के उसका घर से बाहर जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
परिजनों ने आसपास के रिश्तेदारों और गांव के लोगों से भी जानकारी ली, लेकिन कहीं से भी राजकरण के बारे में कोई सूचना नहीं मिली। धीरे-धीरे यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग भी उसे खोजने में जुट गए, लेकिन घंटों की तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका।
राजकरण के पिता श्यामलाल ने बताया कि कुछ समय पहले ही उनके बेटे की सगाई हुई थी और 14 मई को उसकी शादी तय थी। घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। परिवार के लोग इस खुशी के मौके का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अचानक हुए इस घटनाक्रम ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि राजकरण तीन भाइयों में सबसे छोटा है और पूरे परिवार का बहुत लाडला है।
परिजनों का कहना है कि राजकरण का किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। वह सामान्य स्वभाव का लड़का था और अपने काम से काम रखता था। ऐसे में उसका अचानक इस तरह गायब हो जाना परिवार के लिए किसी बड़ी पहेली से कम नहीं है। परिवार को डर है कि उसके साथ कोई अनहोनी न हो गई हो।
राजकरण के बड़े भाई भूरा प्रजापति ने बताया कि जब भाई का कहीं पता नहीं चला तो उन्होंने 3 मार्च को ही सरैया चौकी और मानिकपुर थाने में इसकी सूचना दे दी थी। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई पुलिसकर्मी उनके घर नहीं पहुंचा और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।
परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की इस लापरवाही के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जब पुलिस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया। आखिरकार मजबूर होकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी, जिसके बाद प्रशासन की नींद खुली।
गढ़चपा ग्राम पंचायत के प्रधान पति मिंटू सिंह बघेल ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिस शुरुआत से ही सक्रिय होकर मामले की जांच करती, तो शायद अब तक युवक के बारे में कोई जानकारी मिल सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द युवक का पता लगाया जाए।
सड़क जाम और ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और परिवार को आश्वासन दिया कि राजकरण की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि युवक की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल, गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कोई इसे रहस्यमयी घटना बता रहा है तो कोई किसी अनहोनी की आशंका जता रहा है। वहीं परिवार के लोग लगातार बेटे की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं और उसके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब गम का माहौल है। शादी की तैयारियां फिलहाल थम गई हैं और परिवार के लोग सिर्फ यही प्रार्थना कर रहे हैं कि उनका बेटा सकुशल घर वापस लौट आए। गांव के लोग भी राजकरण की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा।
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