मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता और रिश्तों दोनों को शर्मसार कर दिया है। आठ माह की एक मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर उसके ही मुंहबोले दादा ने दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। गंभीर रूप से घायल बच्ची का इलाज जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, जबकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना 26 फरवरी की दोपहर करीब दो बजे नोहटा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। उस समय बच्ची की दादी खेत पर गई हुई थीं और पिता गोवा में काम करता है। घर पर केवल मां मौजूद थी। इसी बीच परिवार का परिचित एक बुजुर्ग व्यक्ति घर पहुंचा।
आरोप है कि उसने बच्ची को प्यार से खिलाने और घुमाने का बहाना बनाया और मां से गोद में लेकर बाहर चला गया। चूंकि वह परिवार का करीबी माना जाता था, इसलिए मां को उस पर कोई शक नहीं हुआ। लेकिन कुछ देर बाद घर के अन्य बच्चों ने बच्ची को असामान्य हालत में देखा और तुरंत मां को बताया।
मां ने जब बच्ची को देखा तो वह गंभीर हालत में थी। यह देख परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में बच्ची को संभाला गया और दादी के लौटने का इंतजार किया गया। शाम को दादी के आने के बाद पहले गांव में ही इलाज कराने की कोशिश की गई, लेकिन हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने तुरंत जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
27 फरवरी की रात बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए जबलपुर रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची आईसीयू में भर्ती है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर नजर बनाए हुए है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी हरकत में आ गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिवार से बातचीत कर पूरी जानकारी जुटाई। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार भदोरिया ने बताया कि पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
परिजनों ने जांच की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताते हुए डॉक्टरों के पैनल से दोबारा मेडिकल कराने की मांग की है। पुलिस ने उनका आवेदन प्राप्त कर लिया है और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
घटना के बाद गांव में भारी रोष है। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों में सख्त उदाहरण पेश किया जाना जरूरी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फॉरेंसिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह दर्दनाक मामला समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञों का भी कहना है कि छोटे बच्चों को कभी भी किसी के साथ अकेला न छोड़ें, चाहे वह कितना ही परिचित क्यों न हो।
फिलहाल पूरा परिवार बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है, जबकि पुलिस से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
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