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पानीपत में दिल दहला देने वाली घटना: झाड़ियों में पॉलिथीन में मिला 7 माह का बच्ची का भ्रूण, आवारा कुत्तों ने नोचा

हरियाणा के पानीपत शहर से एक बार फिर ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। सेक्टर-29 स्थित फ्लोरा चौक के पास झाड़ियों में एक पॉलिथीन के अंदर बच्ची का करीब छह से सात माह का भ्रूण मिला। स्थानीय लोगों ने जब देखा कि कुछ आवारा कुत्ते एक पॉलिथीन को नोच रहे हैं तो उन्हें शक हुआ। पास जाकर देखा तो उसमें एक बच्ची का भ्रूण पड़ा था। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।

लोगों ने तुरंत कुत्तों को वहां से भगाया और मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भ्रूण को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस अमानवीय कृत्य को लेकर आक्रोश जता रहे हैं।

झाड़ियों में पड़ी पॉलिथीन ने खींचा ध्यान

घटना शनिवार की बताई जा रही है। फ्लोरा चौक के आसपास रहने वाले कुछ लोगों ने देखा कि झाड़ियों के पास कुछ आवारा कुत्ते एक पॉलिथीन को घेरकर बार-बार उस पर झपट रहे हैं। पहले तो लोगों को लगा कि शायद उसमें कोई खाने की चीज होगी।

लेकिन जब कुत्तों की हरकत कुछ ज्यादा ही असामान्य लगी तो लोगों ने पास जाकर देखा। पॉलिथीन को थोड़ा हटाकर देखने पर अंदर एक बच्ची का भ्रूण दिखाई दिया। यह देखकर वहां मौजूद लोग सन्न रह गए।

तुरंत दी पुलिस को सूचना

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को फोन किया। इसके साथ ही सामाजिक संस्था जनसेवा दल के सदस्यों को भी सूचना दी गई।

कुछ ही देर में पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया।

छह से सात माह का बताया जा रहा भ्रूण

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पॉलिथीन में मिला भ्रूण करीब छह से सात माह का बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रूण को किस परिस्थिति में यहां फेंका गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

जनसेवा दल ने किया अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम के बाद भ्रूण को सामाजिक संस्था जनसेवा दल के सदस्यों को सौंप दिया गया। संस्था के सदस्यों ने विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया।

जनसेवा दल के सदस्य चमन लाल गुलाटी ने बताया कि उन्हें शनिवार को सूचना मिली थी कि फ्लोरा चौक के पास एक पॉलिथीन में भ्रूण पड़ा हुआ है। जब वे मौके पर पहुंचे तो लोगों ने पूरी घटना के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए बेहद शर्मनाक हैं और यह दिखाती हैं कि कुछ लोग इंसानियत को किस तरह भूल चुके हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस इस मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भ्रूण को यहां किसने फेंका। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अभी तक ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है जिससे यह पता चल सके कि पॉलिथीन में भ्रूण डालकर यहां कौन फेंक गया।

पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़ी कोई जानकारी मिल सके।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

पानीपत में यह पहली घटना नहीं है जब किसी भ्रूण या नवजात का शव इस तरह मिला हो। इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।

पिछले साल दिसंबर में कुटानी रोड स्थित एक खाली प्लॉट में नवजात बच्ची का शव मिला था। उस समय भी आवारा कुत्तों ने शव को बुरी तरह नोच दिया था।

इसके अलावा नवंबर महीने में पुराने औद्योगिक क्षेत्र में एक माह की बच्ची का शव नहर में मिला था। यह घटना भी काफी चर्चा में रही थी।

समालखा में भी मिला था भ्रूण

करीब डेढ़ साल पहले समालखा क्षेत्र में भी एक बच्ची का भ्रूण मिलने की घटना सामने आई थी। उस समय भी पुलिस ने जांच की थी लेकिन ऐसे मामलों में कई बार आरोपियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

समाज के सामने बड़ा सवाल

इस तरह की घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं। आखिर कौन लोग हैं जो एक मासूम को जन्म से पहले ही इस तरह फेंक देते हैं। खासकर जब मामला बच्ची का हो तो यह समाज में बेटियों के प्रति सोच पर भी सवाल उठाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रूण हत्या और नवजात बच्चों को फेंकने जैसी घटनाएं सामाजिक सोच और जागरूकता की कमी को दर्शाती हैं।

पुलिस की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के अस्पतालों और क्लीनिकों की भी जांच की जा सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी ने अवैध गर्भपात तो नहीं कराया।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

इंसानियत को झकझोरने वाली घटना

फ्लोरा चौक के पास झाड़ियों में मिला यह भ्रूण लोगों को झकझोर कर रख देने वाली घटना है। जिस तरह से उसे पॉलिथीन में बंद कर फेंक दिया गया और आवारा कुत्ते उसे नोच रहे थे, वह दृश्य बेहद दर्दनाक था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार करती हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस अमानवीय कृत्य के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जाएगा।

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