उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक नगरपालिका कार्यालय परिसर में बने करीब 60 फीट ऊंचे ओवरहेड पानी के टैंक पर चढ़ गया और आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश करने लगा। मौके पर मौजूद लोगों की सतर्कता से उसकी जान बच गई। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई की है।

घटना कोतवाली क्षेत्र के चमन सराय मोहल्ले की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कासिम नामक युवक दोपहर करीब तीन बजे अचानक टैंक पर चढ़ गया। देखते ही देखते वह ऊंचाई पर खड़ा होकर नीचे मौजूद लोगों से कहने लगा कि वह टैंक से लटककर अपनी जान दे देगा। कुछ ही देर में वहां भीड़ जुट गई और लोगों ने उसे नीचे उतरने के लिए समझाने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक अपने साथ रस्सी लेकर आया था। उसने रस्सी गले में डाल ली और पाइप को पकड़कर नीचे की ओर लटकने का प्रयास किया। यह दृश्य देखकर नीचे खड़े लोग दहशत में आ गए। कुछ साहसी लोग तुरंत टैंक पर चढ़े और युवक को पकड़ लिया ताकि वह नीचे न गिर सके। काफी मशक्कत के बाद उसे ऊपर की ओर खींच लिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक यह हंगामा चलता रहा।
लोगों की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को पकड़े रखा। बताया जाता है कि युवक बार-बार हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और अंततः उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने युवक को कोतवाली ले जाकर पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी में उसने बताया कि वह पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक रूप से बेहद परेशान है। उसकी शादी को करीब सात वर्ष हो चुके हैं और उसकी एक बेटी भी है। उसका कहना है कि पत्नी से आए दिन विवाद होते रहते हैं, जिससे वह तनाव में था।
डेढ़ लाख रुपये की मांग का आरोप
युवक ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी तलाक के बदले डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रही है। उसके मुताबिक, वह इतनी रकम देने में सक्षम नहीं है और इसी कारण वह मानसिक दबाव में था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से बातचीत के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
कोतवाली प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि युवक के खिलाफ शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई की गई है। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जमानत न मिलने पर उसे जेल भेज दिया गया।
मानसिक तनाव के मामलों में बढ़ती संवेदनशीलता की जरूरत
यह घटना केवल एक पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक परामर्श की आवश्यकता को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विवाद और आर्थिक दबाव कई बार लोगों को चरम कदम उठाने की ओर धकेल देते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते संवाद, काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते युवक को पकड़कर ऊपर न खींचा जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी नागरिकों की सतर्कता की सराहना की है।
प्रशासन की अपील
पुलिस अधिकारियों ने अपील की है कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक या मानसिक तनाव की स्थिति में कानून हाथ में लेने या आत्मघाती कदम उठाने की बजाय संबंधित विभागों और परामर्श सेवाओं से संपर्क करना चाहिए। समस्याओं का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से ही संभव है।
संभल की यह घटना फिलहाल चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि समाज में बढ़ते पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है
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