हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। खेलते समय हाई-वोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आने से 11 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं कॉलोनी के लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही को इस हादसे की बड़ी वजह बताया है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृत बच्चे का नाम केशव था, जो शाहाबाद की लक्की कॉलोनी का रहने वाला था। वह अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था और परिवार का बेहद दुलारा था। केशव के माता-पिता शादी और पार्टियों में खाना बनाने का काम कर किसी तरह घर चलाते थे। बेटे की अचानक मौत ने उनकी जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ दिया है, जिसे भर पाना मुश्किल है।
बताया जा रहा है कि शनिवार शाम के वक्त केशव अपने घर की छत पर खेल रहा था। उस समय उसकी मां और भाई-बहन नीचे कमरे में मौजूद थे। सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही मिनटों में एक छोटी सी लापरवाही ने बड़ा हादसा कर दिया।
खेलते-खेलते केशव की नजर घर के ऊपर से गुजर रही हाई-वोल्टेज बिजली लाइन पर बैठी एक कबूतर पर पड़ी। मासूमियत में उसने पास पड़ी लोहे की रॉड उठाई और कबूतर को उड़ाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान रॉड ऊपर उठाते ही बिजली के तार से छू गई।
जैसे ही लोहे की रॉड ने हाई-वोल्टेज लाइन को टच किया, जोरदार धमाका हुआ और तेज करंट की चपेट में आकर केशव बुरी तरह झुलस गया। धमाके की आवाज सुनकर घरवाले और आसपास के लोग घबराकर छत की ओर दौड़े। वहां पहुंचकर देखा तो केशव गंभीर हालत में पड़ा था।
घटना के तुरंत बाद पड़ोसियों की मदद से बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। परिवार को उम्मीद थी कि डॉक्टर उसकी जान बचा लेंगे, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेटे को पुकारते हुए बेसुध हो जा रही है, जबकि पिता भी गहरे सदमे में हैं। पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
उधर परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके के बेहद करीब से हाई-वोल्टेज लाइन गुजर रही है, जो पहले से ही खतरे का कारण बनी हुई थी। लोगों का दावा है कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली की तारों को सुरक्षित दूरी पर नहीं हटाया गया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर रिहायशी इलाकों में इस तरह की खतरनाक बिजली लाइनें क्यों बिना पर्याप्त सुरक्षा के छोड़ी जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण, तारों की ऊंचाई और दूरी के मानकों का पालन तथा समय-समय पर मरम्मत जैसे कदम ऐसे हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों को बिजली के खतरों के बारे में जागरूक करना चाहिए, ताकि वे खेलते समय ऐसी जोखिम भरी हरकतों से बच सकें।
फिलहाल मासूम केशव की मौत ने लक्की कॉलोनी में गहरा सन्नाटा फैला दिया है। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और परिवार को न्याय मिलने की मांग कर रहा है। पुलिस की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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