शहजादपुर में अवैध शराब कारोबार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अंडे की दुकान को शराब की गुप्त बिक्री का अड्डा बना दिया गया था। यहां लेमन जीरा, कोका-कोला और स्लाइस जैसी सॉफ्ट ड्रिंक की खाली बोतलों में देसी शराब भरकर बेची जा रही थी, ताकि किसी को शक न हो। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारकर इस अनोखे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया।

गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
सब इंस्पेक्टर नारायण सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्राइम स्टेप प्राइवेट स्कूल के पास अंडे की दुकान चलाने वाले दीपक और उसके पिता सीताराम चोरी-छिपे शराब बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने दुकान पर दबिश दी। इस दौरान आरोपी सीताराम पुलिस से बहस करने लगा, जबकि उसका बेटा दीपक एक प्लास्टिक का थैला लेकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दीपक को मौके पर ही पकड़ लिया।
सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलों में छल
जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से शराब बेच रहे थे। वे पास के देसी शराब के ठेके से सस्ती देसी शराब खरीदते और उसे लेमन जीरा, लोहरी जीरा, कोका-कोला व स्लाइस जैसी प्लास्टिक की खाली बोतलों में भरकर दुकान में रखते थे। ग्राहक की मांग के अनुसार 160 एमएल से लेकर 2 लीटर तक शराब दी जाती थी, जिसकी कीमत 20 रुपये से लेकर 200 रुपये या उससे ज्यादा तक वसूली जाती थी।
मौके से भारी मात्रा में शराब बरामद
थाना प्रभारी अशोक कुमार के अनुसार छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से माल्टा और फौजी नंबर वन देसी शराब के अधे-पव्वे, साथ ही कई सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलें बरामद कीं, जिनमें देसी शराब भरी हुई थी। शराब के नमूने लेकर उन्हें सील कर दिया गया है।
बेटे पर केस दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में आरोपी दीपक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध धंधे में और कौन-कौन शामिल था।
यह मामला दिखाता है कि किस तरह रोजमर्रा की दुकानों की आड़ में कानून को चकमा देने की कोशिश की जाती है, लेकिन सतर्कता और समय पर कार्रवाई से ऐसे हथकंडे ज्यादा देर छिप नहीं पाते।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !