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लखनऊ ब्लू ड्रम हत्याकांड: नशे, दबाव और गुस्से में बेटे ने ली पिता की जान, पूछताछ में सामने आए कई चौंकाने वाले तथ्य

Lucknow में सामने आए बहुचर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जांच आगे बढ़ने के साथ नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी अक्षत ने स्वीकार किया है कि जिस रात उसने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या की, उस समय वह खुद भी शराब के नशे में था और उसके पिता भी कार्यक्रम से लौटने के बाद नशे की हालत में थे। इसी तनावपूर्ण माहौल में दोनों के बीच कहासुनी बढ़ी और मामला खौफनाक वारदात में बदल गया।

यह मामला न केवल एक पारिवारिक त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि मानसिक दबाव, पारिवारिक संबंधों में टूटन और नशे के खतरनाक असर का उदाहरण भी बन गया है।

नशे में हुई कहासुनी बनी हत्या की वजह

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात मानवेंद्र सिंह घर लौटे तो वे नशे में थे। दूसरी ओर अक्षत ने भी शराब पी रखी थी। बताया जा रहा है कि घर पहुंचने के बाद पिता ने बेटे को पढ़ाई और भविष्य को लेकर कड़ी बातें कहीं। अक्षत पहले से तनाव में था, इसलिए उसे पिता की बात अपमानजनक लगी।

गुस्से और नशे के प्रभाव में उसने घर में रखी लाइसेंसी राइफल उठा ली और पिता के सिर में गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि वारदात अचानक हुई, लेकिन इसके पीछे लंबे समय से चल रहा मानसिक दबाव भी जिम्मेदार हो सकता है।

डॉक्टर बनने का दबाव और असफलता का तनाव

जांच में यह भी सामने आया है कि मानवेंद्र सिंह चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने। अक्षत दो बार मेडिकल प्रवेश परीक्षा दे चुका था, लेकिन सफल नहीं हो पाया था। इसके बावजूद पिता उस पर लगातार तैयारी करने का दबाव डालते रहे।

परिवार के करीबी लोगों के अनुसार अक्षत इस दबाव से परेशान रहता था। वह अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनना चाहता था, लेकिन पिता की अपेक्षाएं अलग थीं। यही तनाव धीरे-धीरे उसके भीतर गुस्से और हताशा में बदलता गया।

हत्या के बाद शव के टुकड़े करने की कोशिश

वारदात के बाद आरोपी ने अपराध छिपाने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके अपनाए। पुलिस जांच में सामने आया कि उसने पिता के शव के हाथ-पैर काटकर अलग-अलग पॉलिथीन में पैक किए और शहर के अलग-अलग इलाकों में फेंक आया।

धड़ को उसने घर में रखे एक नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपाकर रखा था। पुलिस का मानना है कि आरोपी आगे शव को ठिकाने लगाने की योजना बना रहा था, लेकिन उससे पहले मामला खुल गया।

पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

हत्या के बाद आरोपी ने खुद ही पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि शक उससे दूर रहे। उसने हत्या में इस्तेमाल औजार भी अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए।

जांच में पता चला कि उसने रेलवे ट्रैक के पास कूड़े में चाकू और आरी फेंकी थी, जबकि चादर और बिस्तर जंगल में ले जाकर जला दिए थे।

लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली।

बहन से लिपटकर रोया आरोपी

पुलिस हिरासत में अक्षत का एक भावुक पक्ष भी सामने आया। जेल भेजे जाने से पहले उसने अपनी छोटी बहन कृति से मिलने की इच्छा जताई। जब बहन थाने पहुंची, तो वह उससे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगा।

उसने बहन को घर में रखे पैसों और बैंक खाते की जानकारी दी ताकि उसे आर्थिक परेशानी न हो। बताया जा रहा है कि उसने बहन से कहा कि खाते में 22 हजार रुपये हैं, जिनमें से कुछ रकम कर्मचारियों को देनी है और बाकी वह अपने पास रख सकती है।

परिवार पर आई इस त्रासदी ने कृति को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह अब किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रही है।

जेल में मानसिक स्थिति बिगड़ी

जेल में दाखिल होने के बाद आरोपी पूरी रात सो नहीं पाया। वह दीवार से टिककर बैठा रहा और बड़बड़ाता रहा। जेल प्रशासन ने उसकी हालत देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अपनी करतूत का पछतावा हो रहा है। वह रात में रोता रहा और कई बार कहा कि उससे गलती हो गई।

पुलिस की बरामदगी और जांच

Uttar Pradesh Police ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल राइफल, कारतूस, खून से सना सामान, आरी, चाकू, ड्रम और अन्य सबूत बरामद किए हैं।

जांच अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत किया जा रहा है। आरोपी का मोबाइल फोन भी जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

कोर्ट में पेशी और न्यायिक हिरासत

आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पेशी के दौरान वह ज्यादा कुछ नहीं बोला और अधिकतर सवालों पर चुप रहा।

पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक विवाद और आर्थिक पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि पारिवारिक संवाद की कमी, मानसिक दबाव और नशे के खतरों की भी चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं पर अत्यधिक करियर दबाव और भावनात्मक दूरी कई बार गंभीर परिणाम दे सकती है।

साथ ही, नशे की हालत में निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे छोटे विवाद भी खतरनाक रूप ले सकते हैं।

त्रासदी में टूट गया पूरा परिवार

कम उम्र में मां को खो चुकी कृति अब पिता की हत्या और भाई के जेल जाने से पूरी तरह अकेली पड़ गई है। यह घटना एक ऐसे परिवार की कहानी बन गई है, जो कुछ ही घंटों में बिखर गया।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि केस की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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