अंबाला जिले में 12 फरवरी (वीरवार) को कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी एकदिवसीय हड़ताल की व्यापक तैयारी चल रही है। इस हड़ताल में आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्कर, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चौकीदार, वन मजदूर, भवन निर्माण मजदूर, फुटपाथ वर्कर सहित कई श्रेणियों के कर्मचारी शामिल होंगे। हड़ताल के कारण सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन से जुड़ी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। विशेष रूप से हरियाणा रोडवेज की बस सेवाएं बाधित रह सकती हैं।

CITU के नेतृत्व में होगा आंदोलन
सीआईटीयू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन) के राज्य सचिव सतीश सेठी ने बताया कि यह हड़ताल सीआईटीयू के नेतृत्व में की जा रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में चार लेबर कोड रद्द करना, सभी मजदूरों और परियोजना कर्मियों के लिए 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, शिक्षा-स्वास्थ्य-खाद्य सुरक्षा और रोजगार की गारंटी, मनरेगा की बहाली के साथ 800 रुपये प्रतिदिन मजदूरी और 200 दिन काम शामिल हैं।
अलग-अलग स्थानों पर एकत्र होंगे कर्मचारी
12 फरवरी को कर्मचारी शहर के विभिन्न केंद्रों पर जुटेंगे।
सुबह 9 बजे से शिक्षा सदन में आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्कर, मजदूर संघ और सफाई चौकीदार धरने पर बैठेंगे।
नगर निगम, अंबाला सिटी में सर्व कर्मचारी संघ से जुड़ी यूनियनें प्रदर्शन करेंगी।
रोडवेज वर्कशॉप में सुबह 3 बजे से ही हड़ताल शुरू होगी और कर्मचारी धरना देंगे।
नगर परिषद में सफाई कर्मचारी गेट पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
इसके बाद कर्मचारी उपायुक्त अंबाला को ज्ञापन सौंपेंगे। हड़ताल का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक तय किया गया है।
रोडवेज कर्मचारियों की मांगें
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) के जिला प्रधान रमेश श्योकंद ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की मांगों में—
रेगुलर स्टाफ की भर्ती,
प्राइवेट बसों के परमिट रद्द,
किलोमीटर स्कीम की बसों को रोडवेज में शामिल करना,
इलेक्ट्रिक बसें विभाग द्वारा खरीदी जाना,
पे-ग्रेड में बढ़ोतरी शामिल है।
आशा वर्करों की प्रमुख मांगें
जिला प्रधान सरबजीत कौर ने बताया कि हरियाणा की करीब 20 हजार आशा वर्कर 12 फरवरी को काम-बंद हड़ताल पर रहेंगी और शिक्षा सदन में एकत्र होंगी। उनकी मांगों में—
आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा,
दर्जा मिलने तक 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन,
सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष,
सेवानिवृत्ति पर कम से कम 10 हजार रुपये पेंशन,
चारों लेबर कोड रद्द,
केंद्र सरकार द्वारा पहले घोषित 1500 रुपये की बढ़ोतरी बहाल करना शामिल है।
आमजन को हो सकती हैं दिक्कतें
हड़ताल के चलते बस सेवाएं, सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी की बात कही जा रही है।
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