नोएडा में एक बड़े ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो रूस से संचालित हो रहा था। पुलिस ने सेक्टर एक में स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारकर नेपाली सरगना को गिरफ्तार किया। यह कॉल सेंटर विशेष रूप से ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए लोगों को धोखा देने के लिए काम कर रहा था। श्रीनगर के कई लोगों ने गेमिंग एप के माध्यम से ठगी की शिकायत की थी, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने संबंधित जानकारी पुलिस तक भेजी। पुलिस ने इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर का पता लगाया और आरोपित को हिरासत में लिया।

ठगी का तरीका और गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि आरोपी के कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इनमें चार कंप्यूटर सीपीयू, एक सर्वर, तीन राउटर, 10 पीएनटी फोन, रूसी कीबोर्ड और एक मोबाइल शामिल है। यह नेटवर्क 2022 से सक्रिय था और इसने करोड़ों रुपये की ठगी की है। आरोपित की पहचान नेपाल के मोरंग जिले के अनूप श्रेष्ठ के रूप में हुई है, जो वर्तमान में नोएडा के सेक्टर 94 स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग में रह रहा था।
अनूप की यात्रा और गेमिंग नेटवर्क से जुड़ाव
पूछताछ में पता चला कि अनूप 24 मई 2022 को नेपाल से दिल्ली आया। नौकरी की तलाश में वह मास्को गया, जहां उसे एक कॉल सेंटर में काम करने का अवसर मिला। वहीं उसने 1एक्सबेट ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के कार्यालय प्रबंधन से संपर्क किया और अप्रैल 2025 तक ट्रेनिंग और नौकरी की। जून 2025 में कंपनी की रूसी अधिकारी लीजा ने उसे रेडी एप के लिए दिल्ली भेजा।
दिल्ली आने के बाद अनूप ने मीर पेगासिस कांसेप्ट और पीटी फेबल टेक्नोलॉजी नुसनतारा के साथ एग्रीमेंट कर 1एक्सबेट को टेक्निकल सपोर्ट देना शुरू किया। इसके साथ ही वह रूस के नेटवर्क प्रबंधन से जुड़े रहा और बाद में भारत में कंपनी का निदेशक बन गया।
देशभर में 1एक्सबेट पर मुकदमे
1एक्सबेट एप भारत में प्रतिबंधित है, लेकिन इसे ऑनलाइन सर्वर के माध्यम से प्रमोट और संचालित किया जा रहा था। एप गूगल प्ले स्टोर पर वेरिफाइड नहीं है और इसे एपीके फाइल के जरिए डाउनलोड किया जाता है। देशभर में 1एक्सबेट के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस को जांच के दौरान रेडी एप नेटवर्क के देश में संचालित होने की जानकारी मिली, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी का केंद्र बन चुका था।
ऑनलाइन गेमिंग के जरिए जुआ और ठगी
पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग ऑनलाइन बैटिंग एप के माध्यम से लोगों को जुआ खेलने के लिए आकर्षित करते थे। कई बार एप में नकली गेम या स्कीम का इस्तेमाल करके यूजर्स से पैसे की ठगी की जाती थी। ऐसे मामलों में लोग अक्सर करोड़ों रुपये गंवा देते थे।
रूस से संचालित नेटवर्क का असर
जाँच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था। ठगी की गई रकम को म्यूल बैंक खातों के माध्यम से देश से बाहर भेजने का भी काम किया जा रहा था। नेटवर्क के जरिए विदेशी सर्वर से संचालन और निर्देशित ठगी का जाल फैलाया जा रहा था। पुलिस इस मामले में म्यूल बैंक खातों और नेटवर्क के अन्य आंकड़ों की जांच कर रही है, ताकि इसके सभी साझेदारों और मार्गों का पता लगाया जा सके।
साइबर सुरक्षा की भूमिका
नोएडा पुलिस और साइबर सुरक्षा विभाग ने इस नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई की। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी अनूप श्रेष्ठ ने 1एक्सबेट के संचालन और प्रमोशन में सक्रिय भूमिका निभाई। कॉल सेंटर का संचालन पूरी तरह व्यवस्थित था और इसमें रूस से निर्देशित तकनीकी सहायता शामिल थी।
लोकल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
इस मामले में गृह मंत्रालय, नोएडा पुलिस और साइबर थाने ने मिलकर छानबीन की। आरोपी का नेटवर्क रूस और भारत दोनों देशों में फैला हुआ था। पुलिस ने इस नेटवर्क के सभी तकनीकी उपकरण और डिजिटल प्रमाण जुटाए हैं, जिससे भविष्य में ऐसे अंतरराष्ट्रीय ठगी मामलों को रोकने में मदद मिलेगी।
लोकल लोगों पर असर और चेतावनी
श्रीनगर सहित कई शहरों में लोग इस ऑनलाइन गेमिंग एप के जाल में फंस चुके थे। पुलिस ने लोगों से आगाह किया है कि वे किसी भी गुमनाम या प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग एप में पैसे न लगाएं। साथ ही, ऐसे एप से जुड़े किसी भी कॉल या मैसेज को नजरअंदाज करने की सलाह दी गई है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस की जांच अभी जारी है। अनूप से मिले म्यूल बैंक खातों और अन्य डिजिटल नेटवर्क डेटा की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य सिर्फ आरोपी को सजा दिलाना ही नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क को भंग करना और विदेश से संचालित ऑनलाइन ठगी को रोकना है।
इस गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि साइबर अपराधियों को चाहे वे विदेश से संचालित हों, भारतीय कानून के हाथ उनसे दूर नहीं रह सकते। साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए रखती हैं, ताकि ऑनलाइन ठगी के जाल को समय रहते समाप्त किया जा सके।
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