गणतंत्र दिवस से ठीक पहले एक बार फिर खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान और धमकी भरा वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में पन्नू ने दावा किया कि उसके समर्थकों ने राजधानी दिल्ली में दो अलग-अलग स्थानों पर भारत विरोधी नारे लिख दिए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस की शुरुआती और बाद की जांच में इस दावे को पूरी तरह फर्जी पाया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने साफ किया है कि वीडियो में कही गई बातें वास्तविकता से परे हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक नहीं बरत रही हैं।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय महत्व के आयोजन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही उच्च स्तर पर रखी गई है। राजधानी में संवेदनशील इलाकों, सरकारी इमारतों, वीवीआईपी मूवमेंट और सार्वजनिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारी बताते हैं कि इस तरह की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जाता, भले ही शुरुआती जांच में वे झूठी ही क्यों न साबित हों। हर इनपुट की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
पन्नू द्वारा जारी वीडियो में दावा किया गया था कि उसके “लड़कों” ने दिल्ली में देश विरोधी नारे लिखे हैं और यह भारत के लिए एक चेतावनी है। वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत संबंधित इलाकों में जांच अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई गई। जांच के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि न तो किसी सार्वजनिक स्थान पर ऐसे नारे लिखे गए हैं और न ही वीडियो में किए गए दावों का कोई ठोस प्रमाण मिला है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पन्नू पहले भी इस तरह के वीडियो जारी कर चुका है, जिनका मकसद सिर्फ डर का माहौल बनाना और सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव डालना होता है। इस बार भी वीडियो को उसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। बावजूद इसके, गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
इसी बीच खुफिया एजेंसियों से एक और गंभीर इनपुट सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। खुफिया विभाग ने दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों को जानकारी दी है कि पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित कुछ आतंकी बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसपैठ कर चुके हैं। हालांकि, इनपुट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये आतंकी फिलहाल देश के किस हिस्से में मौजूद हैं और इनकी संख्या कितनी है। इस अधूरी जानकारी के बावजूद, सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया है और अलर्ट जारी कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, खुफिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने बांग्लादेश में अपने आतंकी ट्रेनिंग कैंप स्थापित किए हैं। इन कैंपों में आतंकियों को न केवल हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है, बल्कि भारत में घुसपैठ और हमले की रणनीतियों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन कैंपों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी नियमित रूप से आते-जाते हैं और ट्रेनिंग की निगरानी करते हैं।
इन इनपुट्स के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने न केवल राजधानी में, बल्कि पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ भी समन्वय बढ़ा दिया है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकिंग तेज कर दी गई है, संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान लगातार किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, एयरपोर्ट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने की कोशिश को नाकाम करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। दिल्ली में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल भी सक्रिय है, जो किसी भी भड़काऊ पोस्ट या वीडियो पर तुरंत कार्रवाई कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पन्नू जैसे आतंकी अक्सर बड़े राष्ट्रीय आयोजनों से पहले इस तरह की धमकियां देकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। इससे न सिर्फ आम लोगों में डर फैलता है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी पड़ता है। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब ऐसे हथकंडों से निपटने में पहले से ज्यादा सतर्क और तैयार हैं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का साफ संदेश है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और सुरक्षा जांच में सहयोग करें। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी में कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
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