रंगों और उमंगों के त्योहार होली के दिन हरियाणा के रोहतक जिले में ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। नेशनल हाईवे-9 पर चुलियाना मोड़ के पास कार और बाइक की आमने-सामने टक्कर में चार युवकों की मौत हो गई। मरने वाले सभी युवक इस्माइला गांव के निवासी थे, जिनमें से तीन एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। त्योहार के दिन हुई इस घटना ने खुशियों को मातम में बदल दिया।

यह हादसा बुधवार शाम का है, जब चारों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक और कार के बीच टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही दो युवकों ने दम तोड़ दिया। अन्य दो गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वे भी रास्ते में जिंदगी की जंग हार गए।
मृतकों की पहचान मोहन, राजा, लीलू और सोनू के रूप में हुई है। सभी युवक इस्माइला गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि चारों होली के मौके पर किसी काम से निकले थे या दोस्तों से मिलने जा रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा।
हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और कार का अगला हिस्सा भी चकनाचूर हो गया था। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस टीम और चिकित्सा दल ने मौके पर पहुंचकर घायलों को रोहतक पीजीआई के लिए रवाना किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण दो युवकों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
गांव इस्माइला में जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। जिन घरों में सुबह तक होली के रंग खेले जा रहे थे, वहां शाम होते-होते चीख-पुकार गूंजने लगी। तीन युवकों का एक ही परिवार से होना इस त्रासदी को और भी गहरा बना गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग बड़ी संख्या में शोक संतप्त परिवारों के घरों पर एकत्र हो गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि दुर्घटना के समय किस वाहन की गति अधिक थी और क्या किसी ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया था। कार चालक से पूछताछ की जा रही है और वाहन को कब्जे में ले लिया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुलियाना मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। मोड़ होने के कारण दृश्यता कम रहती है और यदि वाहन तेज रफ्तार में हों तो टक्कर की संभावना बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां अतिरिक्त संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर या चेतावनी लाइट्स लगाई जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
यह भी चर्चा में है कि चार युवकों का एक ही बाइक पर सवार होना सुरक्षा मानकों के खिलाफ है। यातायात नियमों के अनुसार दो से अधिक लोगों का बाइक पर बैठना अवैध और जोखिम भरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक सवारियां होने से संतुलन बिगड़ सकता है और दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटें आने की आशंका बढ़ जाती है।
होली जैसे त्योहारों पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने की प्रवृत्ति देखी गई है। कई बार लोग उत्साह में तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं या लापरवाही बरतते हैं। पुलिस प्रशासन भी त्योहारों के दौरान विशेष निगरानी रखता है, लेकिन फिर भी कुछ घटनाएं ऐसी हो जाती हैं, जो गहरा घाव छोड़ जाती हैं।
रोहतक पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी की लापरवाही या दोष सिद्ध होता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी के कारण हर साल ऐसे हादसे होते रहेंगे? क्या त्योहारों पर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत नहीं है? इन सवालों का जवाब प्रशासन और आम नागरिक दोनों को मिलकर खोजना होगा।
गांव इस्माइला में चार युवकों की अर्थियां उठने की तैयारी है। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को सुबह हंसते हुए घर से विदा किया था, उन्हें शाम तक उनकी निर्जीव देह मिली। यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर देने वाला है।
यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि चार जिंदगियों का अंत और कई सपनों का टूटना है। जरूरत इस बात की है कि हम सभी सड़क पर जिम्मेदारी से चलें, नियमों का पालन करें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। एक छोटी सी चूक कई परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे सकती है।
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