हाथरस जनपद में 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad द्वारा आयोजित ये परीक्षाएं 12 मार्च तक चलेंगी। करीब 44,370 छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत रणनीति तैयार की है।

चार जोन, 19 सेक्टर में सख्त निगरानी
परीक्षा संचालन को प्रभावी बनाने के लिए पूरे जिले को चार जोन और 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की कमान संबंधित उप जिलाधिकारी को सौंपी गई है, जिन्हें जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है। उनके अधीन सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।
यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि हर क्षेत्र में प्रशासनिक पकड़ मजबूत रहे और किसी भी शिकायत या गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। परीक्षा के दौरान प्रत्येक स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
99 केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट
जनपद के 99 परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी परीक्षा के दौरान केंद्र की व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियम उल्लंघन की स्थिति में वे तत्काल कार्रवाई के लिए अधिकृत होंगे।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 28 अतिरिक्त स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा पांच आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तैयार रखे गए हैं। यदि किसी केंद्र पर अचानक स्थिति बिगड़ती है, तो इन्हें तुरंत भेजा जाएगा।
उड़नदस्ता और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
परीक्षा अवधि में उड़नदस्ता टीमें सक्रिय रहेंगी, जो अचानक केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। इसके साथ ही पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि भीड़भाड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने। बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी और परीक्षा से जुड़े हर संवेदनशील बिंदु पर सतर्कता बरती जाएगी।
कंट्रोल रूम से होगी पल-पल की मॉनिटरिंग
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डीआईओएस कार्यालय में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। प्रत्येक पाली में 20-20 कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ये कर्मचारी फोन कॉल और ऑनलाइन शिकायतों का रिकॉर्ड रखेंगे, सीसीटीवी और वेबकास्टिंग की निगरानी करेंगे तथा परीक्षा केंद्रों से आने वाली रिपोर्ट का संकलन करेंगे।
यदि किसी केंद्र से गड़बड़ी की सूचना मिलती है, तो कंट्रोल रूम से तत्काल संबंधित अधिकारी को निर्देश जारी किए जाएंगे। इससे परीक्षा प्रक्रिया पर केंद्रीय स्तर से नियंत्रण बना रहेगा।
केंद्र व्यवस्थापकों को दिए गए निर्देश
सभी केंद्र व्यवस्थापकों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता और समय पर परीक्षा संचालन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। कक्ष निरीक्षकों को भी नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक संतप्रकाश ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि परीक्षा को सफल बनाने में सभी का सहयोग जरूरी है।
विद्यार्थियों के लिए जरूरी बातें
छात्र-छात्राओं से कहा गया है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें। प्रवेश पत्र और आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।
अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ न लगाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
पारदर्शी परीक्षा का संकल्प
हाथरस प्रशासन ने इस बार स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की नकल या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
करीब एक माह तक चलने वाली इस परीक्षा अवधि में शिक्षा विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त जिम्मेदारी होगी कि हर विद्यार्थी को निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण मिले। सभी तैयारियों के साथ जिला प्रशासन को उम्मीद है कि बोर्ड परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न होंगी और छात्र-छात्राएं बेहतर परिणाम हासिल कर अपने भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे।
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