बागपत: महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाले फाल्गुनी मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने जिले में व्यापक रूट डायवर्जन योजना लागू कर दी है। शनिवार रात से ही यह व्यवस्था प्रभावी हो गई, जिसके चलते कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई या उन्हें वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पहले से तैयारी की थी।

सबसे अहम बदलाव निवाड़ा यमुना पुल के पास किया गया है। हरियाणा की ओर से आने वाले वाहनों को पुल से पहले ही रोककर अन्य मार्गों की ओर मोड़ा जा रहा है। इससे मेले के क्षेत्र में अनावश्यक दबाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तरह पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर मवीकलां कट से भी वाहनों को दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे की ओर जाने से रोका गया है। इन स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या जाम की स्थिति न बने।
प्रशासन द्वारा लागू किया गया यह रूट डायवर्जन प्लान 16 फरवरी की रात तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान शामली की तरफ से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा जाने वाले वाहनों को दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे वाहनों को पानीपत, करनाल और सोनीपत होते हुए एनएच-1 के रास्ते भेजा जा रहा है। इससे मेले के आसपास के क्षेत्र में यातायात का दबाव कम किया जा सके।
दिल्ली और नोएडा से आने वाले वाहनों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के मवीकलां कट से उन्हें जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इन वाहनों को भी सोनीपत और पानीपत के रास्ते करनाल की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए जरूरी है।
बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर भी भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इन वाहनों को शामली से करनाल और पानीपत होते हुए एनएच-1 के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है। निवाड़ा पुल से जिले में किसी भी भारी वाहन को प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अतिरिक्त शामली-मुजफ्फरनगर जाने वाले वाहनों को सोनीपत-पानीपत मार्ग से भेजा जा रहा है, जबकि हापुड़ और बुलंदशहर की ओर जाने वाले वाहनों को एनएच-1 और एक्सप्रेसवे के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है।
बागपत-मेरठ नेशनल हाईवे पर भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों को राष्ट्र वंदना चौक पर रोककर पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। हरियाणा की दिशा में जाने वाले वाहनों को भी एक्सप्रेसवे के जरिए कुंडली की ओर भेजा जा रहा है। इससे शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश रोका जा सके और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
मेरठ से आने वाले वाहनों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। हिंडन पुल से पहले ही वाहनों को रोककर उन्हें वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जा रहा है। मेरठ-बड़ौत मार्ग पर खिवाई तिराहे और बरनावा आश्रम के पास भी बैरिकेडिंग की गई है, जहां से वाहनों को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ने दिया जा रहा है। इन सभी स्थानों पर पुलिस बल तैनात है, जो लगातार निगरानी कर रहा है।
सीओ विजय कुमार ने बताया कि रूट डायवर्जन योजना का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिले भर में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों को सड़क के एक किनारे खड़ा कराया जा रहा है ताकि यातायात बाधित न हो। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले निर्धारित रूट की जानकारी प्राप्त कर लें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
फाल्गुनी मेला हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवभक्तों की भीड़ उमड़ती है, जिसके चलते ट्रैफिक प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इस बार भी भीड़ को देखते हुए पहले से ही रणनीति तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ तो स्थिति के अनुसार अतिरिक्त परिवर्तन भी किए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, फाल्गुनी मेले के दौरान सुरक्षा और सुगमता बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर यातायात प्रबंधन किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से मेले में पहुंच सकें और आम जनता को भी न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े। लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
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