राजधानी दिल्ली के व्यस्त बाजार इलाके करोल बाग में सोमवार दोपहर घटी एक घटना ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। दिनदहाड़े बदमाशों ने एक कॉलेज छात्र को घेरकर न सिर्फ लूटपाट की, बल्कि उसका बेरहमी से सिर फोड़ दिया। घायल छात्र सड़क पर खून से लथपथ पड़ा मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।

ग्रेटर नोएडा लौटते समय बना निशाना
पीड़ित की पहचान 20 वर्षीय सोनल कुमार के रूप में हुई है, जो गलगोटिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते हैं। पुलिस के अनुसार वह सोमवार दोपहर द्वारका मोड़ से ग्रेटर नोएडा लौट रहे थे। रास्ते में कपड़े खरीदने के लिए वह करोल बाग में उतर गए। खरीदारी के बाद जब वह मेट्रो स्टेशन की ओर जा रहे थे, तभी दो अज्ञात युवकों ने उन्हें निशाना बनाया।
बताया जा रहा है कि पहले आरोपियों ने छात्र को एक बनावटी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि उनके मालिक के पैसे चोरी हो गए हैं और किसी तरह सोनल को इस झांसे में फंसाने की कोशिश की। जब छात्र उनकी बातों में नहीं आया और वहां से निकलने लगा, तो दोनों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया।
रेड लाइट के पास हमला
गंगा राम अस्पताल की रेड लाइट के पास बदमाशों ने सोनल को जबरन रोक लिया और सड़क किनारे ले गए। यहां उन्होंने उससे मोबाइल और कीमती सामान छीनने की कोशिश की। छात्र ने जब विरोध किया और अपना I-Phone 14 बचाने की कोशिश की, तो हमलावर उग्र हो गए।
आरोप है कि बदमाशों ने पहले उसका गला दबाया, फिर पास पड़े पत्थर से उसके सिर पर कई वार किए। लगातार वार से सोनल बुरी तरह घायल होकर सड़क किनारे गिर पड़ा। मेडिकल जांच में उसके सिर पर तीन गहरे घाव पाए गए हैं, जो पत्थर से मारने के कारण हुए।
मदद के लिए चिल्लाता रहा छात्र
हमले के दौरान सोनल जोर-जोर से चिल्लाता रहा कि उसे बचाया जाए, लेकिन आसपास मौजूद लोगों में से किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। कुछ लोग दूर से देखते रहे, तो कुछ बिना रुके आगे बढ़ गए। व्यस्त बाजार क्षेत्र में हुई इस वारदात के दौरान लोगों का यूं चुप रहना कई सवाल खड़े करता है।
दो बाइक सवार बने मददगार
जब अधिकांश लोग मूकदर्शक बने रहे, तब दो बाइक सवार युवकों ने मानवता का परिचय दिया। उन्होंने घायल छात्र को देखा, तुरंत बाइक रोकी और 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद वे सोनल को पास के अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार शुरू किया गया।
मोबाइल और चेन लूटकर फरार
हमलावर सोनल का मोबाइल फोन और चांदी की चेन लूटकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। करोल बाग थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है।
समाज और सुरक्षा पर सवाल
दिनदहाड़े व्यस्त इलाके में इस तरह की वारदात ने लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधियों का मनोबल तभी बढ़ता है, जब वे जानते हैं कि भीड़ हस्तक्षेप नहीं करेगी।
यह घटना केवल एक लूट का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता की भी कहानी है। जरूरत इस बात की है कि लोग कम से कम आपात स्थिति में पुलिस को तुरंत सूचना दें और पीड़ित की मदद के लिए आगे आएं।
छात्र की हालत स्थिर
अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद सोनल की हालत स्थिर है। सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। परिजनों ने पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
करोल बाग की यह घटना राजधानी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और लोगों की निष्क्रियता दोनों पर एक बड़ा सवाल बनकर उभरी है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्द आरोपियों को पकड़ती है और क्या समाज इस घटना से कोई सबक लेता है।
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