झांसी जिले के पुनावली कला गांव में एक ही परिवार पर ऐसा दुख टूटा कि पूरा इलाका सन्न रह गया। महज 20 घंटे के भीतर पति मनोज अहिरवार और पत्नी वंदना दोनों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पहले पत्नी ने कथित तौर पर फांसी लगाई, और कुछ घंटों बाद पति का शव भी पेड़ से लटका मिला। इस दोहरी त्रासदी ने तीन मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

मजदूरी से लौटे थे, लेकिन घर में बढ़ गया तनाव
38 वर्षीय मनोज अहिरवार अपनी 35 वर्षीय पत्नी वंदना और तीन बच्चों—देवांश (12), राधिका (10) और ऋषभ (7)—के साथ रहता था। परिजनों के अनुसार दंपति पिछले कुछ महीनों से पुणे में रहकर मजदूरी कर रहा था। करीब 20 दिन पहले मनोज ने वंदना को किसी व्यक्ति से मोबाइल पर बात करते देख लिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अविश्वास और तनाव की शुरुआत हुई।
बताया जा रहा है कि विवाद इतना बढ़ा कि दोनों काम छोड़कर झांसी लौट आए। हालांकि घर आने के बाद भी रिश्तों की खटास खत्म नहीं हुई और अक्सर कहासुनी होती रही। परिवार वालों का कहना है कि लौटते समय वंदना ने ट्रेन से कूदने की कोशिश भी की थी, लेकिन उस समय मनोज ने उसे बचा लिया था।
मोबाइल को लेकर फिर भड़का विवाद
बुधवार रात एक बार फिर मोबाइल फोन को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि वंदना ने फोन से कुछ ऐप डिलीट किए थे, जिससे मनोज नाराज हो गया। दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ी कि घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
झगड़े के बाद वंदना कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आई तो घरवालों को शक हुआ। दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों और बच्चों ने दीवार तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए—वंदना फांसी के फंदे पर लटकी मिली।
परिवार ने तुरंत उसे नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पत्नी की मौत से टूटा मनोज
पत्नी की मौत के बाद मनोज गहरे सदमे में चला गया था। उसी दिन उसने भी आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने उसे बचा लिया। बाद में वह पत्नी के पोस्टमॉर्टम के दौरान मेडिकल कॉलेज पहुंचा, लेकिन वहां से अचानक लापता हो गया।
परिजन उसे तलाशते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। वह पत्नी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई।
देर रात पेड़ से लटका मिला शव
गुरुवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि ग्रीन होम सिटी के पास झाड़ियों में एक पेड़ से एक व्यक्ति का शव लटका हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाया। मृतक की जेब से आधार कार्ड मिला, जिससे उसकी पहचान मनोज अहिरवार के रूप में हुई।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मायके पक्ष ने लगाए हत्या के आरोप
वंदना के मायके पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतका के ताऊ बादाम सिंह ने आरोप लगाया कि यह साधारण आत्महत्या नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही मनोज उनकी भतीजी को प्रताड़ित करता था।
परिवार का आरोप है कि मनोज शराब पीकर मारपीट करता और पैसों की मांग करता था। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से वंदना परेशान थी और कई बार पंचायत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश भी हुई थी। मायके पक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बेटे देवांश का बयान बना अहम
इस पूरे मामले में 12 वर्षीय बेटे देवांश का बयान बेहद अहम माना जा रहा है। उसने बताया कि पिता ने मां को किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बात करते देख लिया था, जिसके बाद घर में अक्सर झगड़े होते थे।
देवांश के अनुसार घटना वाले दिन भी मोबाइल को लेकर विवाद हुआ। झगड़े के बाद मां कमरे में चली गईं और फांसी लगा ली। उसने यह भी बताया कि पिता ने भी फांसी लगाने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय परिवार ने उन्हें बचा लिया था। बाद में पिता अस्पताल से गायब हो गए और उनकी मौत की खबर आई।
गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार में इतनी जल्दी दो मौतों ने पूरे पुनावली कला गांव को हिला दिया है। सबसे ज्यादा चिंता तीनों बच्चों के भविष्य को लेकर जताई जा रही है, जो अब रिश्तेदारों के सहारे हैं। गांव में हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि दोनों मौतों की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ होगी। फिलहाल एक ओर मायके पक्ष हत्या का आरोप लगा रहा है, वहीं परिस्थितियां आत्महत्या की ओर भी संकेत दे रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पारिवारिक तनाव और अविश्वास कैसे कुछ ही घंटों में पूरे परिवार को तबाह कर सकते हैं।
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