उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां मड़ियांव थाना क्षेत्र की प्रियदर्शनी कॉलोनी में रहने वाले जियो स्टोर के मैनेजर का शव उनके किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान पवन कुमार शुक्ला (30) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीतापुर जिले के रहेटा गांव के रहने वाले थे।

घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पवन ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। हालांकि इस मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक के भाई ने हत्या की आशंका जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रियदर्शनी कॉलोनी में किराए पर रहते थे पवन
मिली जानकारी के अनुसार पवन कुमार शुक्ला लखनऊ के मड़ियांव इलाके में स्थित प्रियदर्शनी कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। वह एक निजी कंपनी के जियो स्टोर में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और नौकरी के सिलसिले में काफी समय से लखनऊ में ही रह रहे थे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पवन सामान्य और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। वह अक्सर अपने काम में व्यस्त रहते थे और पड़ोसियों के साथ भी उनका व्यवहार अच्छा था।
शुक्रवार रात सामने आई घटना
यह घटना शुक्रवार रात करीब 9 बजे के आसपास की बताई जा रही है। पड़ोसियों के अनुसार उस समय पवन के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
शुरुआत में किसी ने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई तो पड़ोसियों को शक हुआ। उन्होंने दरवाजा खटखटाकर पवन को आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया।
दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे लोग
काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो पड़ोसियों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद उन्होंने दरवाजे को धक्का देकर खोलने की कोशिश की।
दरवाजा खुलते ही अंदर का दृश्य देखकर सभी लोग स्तब्ध रह गए। कमरे के अंदर पवन कुमार शुक्ला का शव पंखे से लटक रहा था। उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
यह दृश्य देखकर पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलने के बाद मड़ियांव थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला। इस नोट में पवन ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। हालांकि सुसाइड नोट में किसी अन्य व्यक्ति को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
परिजनों को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया। खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।
कुछ ही समय बाद पवन के परिजन भी लखनऊ पहुंच गए। अपने बेटे और भाई का शव देखकर परिवार के लोग फूट-फूटकर रोने लगे।
भाई ने जताई हत्या की आशंका
हालांकि इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पवन के भाई अतुल ने आत्महत्या की बात पर संदेह जताया। उन्होंने पुलिस के सामने हत्या की आशंका व्यक्त की है।
अतुल का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि पवन आत्महत्या जैसा कदम उठा सकते हैं। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है।
मोबाइल और सुसाइड नोट की जांच की मांग
पवन के भाई ने पुलिस से यह भी मांग की है कि उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डाटा की जांच की जाए। उनका कहना है कि इससे कई अहम बातें सामने आ सकती हैं।
इसके अलावा उन्होंने सुसाइड नोट की लिखावट की भी जांच कराने की मांग की है ताकि यह पुष्टि हो सके कि वह नोट वास्तव में पवन ने ही लिखा था या नहीं।
एक युवती के आने-जाने का भी जिक्र
पवन के भाई ने पुलिस को यह भी बताया कि उनके कमरे पर एक युवती का आना-जाना होता था। उन्होंने इस बात की भी जांच कराने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि उस युवती से पूछताछ करने पर मामले से जुड़ी कुछ अहम जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस का शुरुआती बयान
मड़ियांव थाना के इंस्पेक्टर के अनुसार प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। क्योंकि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और शव फंदे से लटका हुआ मिला है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
तहरीर का इंतजार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल परिजनों की ओर से कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई है। यदि परिवार की ओर से कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सभी पहलुओं से जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों के बारे में और स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
इलाके में फैली चर्चा
इस घटना के बाद प्रियदर्शनी कॉलोनी और आसपास के इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
पड़ोसियों का कहना है कि पवन सामान्य जीवन जी रहे थे और उन्होंने कभी ऐसा संकेत नहीं दिया जिससे लगे कि वह किसी बड़े तनाव में हैं।
रहस्य बना हुआ है कारण
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पवन कुमार शुक्ला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। क्या वह किसी मानसिक तनाव में थे या इसके पीछे कोई और कारण है।
इन सवालों के जवाब अभी साफ नहीं हैं। पुलिस जांच के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
परिवार के लोग भी चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर इसमें कोई साजिश या अपराध शामिल है तो दोषियों को सख्त सजा मिले। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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