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हापुड़ में दर्दनाक हादसा: खुले नाले में गिरने से ढाई साल की मासूम की मौत, लापरवाही पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश के Hapur जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक ढाई साल की मासूम बच्ची खेलते-खेलते खुले नाले में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव के लोगों में भी गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि नाला लंबे समय से खुला पड़ा था और कई बार शिकायत करने के बावजूद इसे ढका नहीं गया, जिसकी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ।

यह मामला Dhaulana Tehsil क्षेत्र के Sapanawat Village गांव का है, जहां शुक्रवार शाम यह घटना हुई।

घर के सामने था खुला नाला

मृत बच्ची के पिता गौरव कुमार के अनुसार उनके घर के सामने काफी समय से एक नाला खुला हुआ है। इस नाले के आसपास अक्सर गांव के बच्चे खेलते रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी ढाई साल की बेटी सिद्धि भी रोज की तरह पड़ोस के बच्चों के साथ खेल रही थी।

शुक्रवार शाम करीब सात बजे सिद्धि अन्य बच्चों के साथ घर के पास खेल रही थी। खेलते-खेलते वह नाले के पास पहुंच गई और अचानक संतुलन बिगड़ने से नाले में गिर गई। घटना के समय वहां मौजूद किसी भी बच्चे को इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि वह नाले में गिर चुकी है।

देर तक नहीं चला पता

जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता होने लगी। परिवार के लोगों ने आसपास के इलाके में उसकी तलाश शुरू की। उन्होंने पड़ोसियों और अन्य बच्चों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

इसके बाद परिजन और ग्रामीण मिलकर बच्ची को ढूंढने लगे। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद लोगों को शक हुआ कि कहीं बच्ची नाले में तो नहीं गिर गई।

नाले में मिली मासूम की लाश

जब लोग नाले के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बच्ची नाले के पानी में पड़ी हुई है। यह देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। तुरंत कुछ लोग नाले में उतर गए और किसी तरह बच्ची को बाहर निकाला।

हालांकि जब तक बच्ची को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और आसपास के लोग भी भावुक हो उठे।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

बेटी की मौत के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। बच्ची की मां काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं।

परिजनों के मुताबिक बच्ची परिवार की सबसे छोटी सदस्य थी और घर की लाडली थी। उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है।

लंबे समय से खुला पड़ा था नाला

परिजनों का कहना है कि जिस नाले में बच्ची गिरी, वह काफी समय से खुला पड़ा हुआ था। गांव के लोग कई बार इस नाले को ढकने की मांग कर चुके थे।

मृत बच्ची के पिता का आरोप है कि उन्होंने भी कई बार गांव के प्रधान और पंचायत सचिव से नाले की मरम्मत और उसे ढकने की शिकायत की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

परिवार का कहना है कि अगर समय रहते नाले को ढक दिया गया होता तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी। उनका आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ है।

उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नाले की मरम्मत कराई गई और न ही उसे ढकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया।

मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग

घटना के बाद बच्ची के पिता ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि गांव में खुले पड़े नालों को जल्द से जल्द ढका जाए, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे के साथ ऐसा हादसा न हो।

गांव में गुस्सा और दुख

इस घटना के बाद गांव के लोगों में भी काफी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि खुले नाले लंबे समय से खतरा बने हुए हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नाले को ढक दिया जाता तो यह हादसा टल सकता था।

ग्राम प्रधान का बयान

इस मामले में गांव के प्रधान Rahul Rana का कहना है कि यह नाला करीब दस साल पुराना है और इसकी समय-समय पर सफाई कराई जाती रहती है।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बच्ची की मौत की घटना की अभी तक आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई घटना हुई है तो मामले की जांच कराई जाएगी।

प्रशासन पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अक्सर गांवों में खुले नाले, टूटी सड़कें और अन्य खतरनाक स्थान दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय प्रशासन को ऐसे मामलों में पहले से सतर्क रहना चाहिए और संभावित खतरों को समय रहते दूर करना चाहिए।

मासूम की मौत से सदमे में गांव

ढाई साल की मासूम सिद्धि की मौत ने पूरे गांव को गहरे दुख में डुबो दिया है। लोग इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं।

अब गांव के लोग प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि इस घटना के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे और खुले नालों को ढकने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न सहना पड़े।

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