उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब सबसे अहम चरण—उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन—की शुरुआत हो चुकी है। Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad ने 18 मार्च 2026 से पूरे प्रदेश में कॉपियों की जांच का काम शुरू कर दिया है। इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कुल 250 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाएगी। इस बड़े अभियान में लगभग 1.53 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को लगाया गया है, जिससे यह प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।
🏫 250 केंद्रों पर होगा मूल्यांकन कार्य
यूपी बोर्ड द्वारा इस बार मूल्यांकन के लिए केंद्रों का विशेष वर्गीकरण किया गया है।
117 केंद्र सिर्फ हाईस्कूल की कॉपियों की जांच के लिए
111 केंद्र केवल इंटरमीडिएट की कॉपियों के लिए
22 केंद्र ऐसे हैं जहां दोनों कक्षाओं की कॉपियां जांची जाएंगी
इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्य को सुव्यवस्थित करना और अलग-अलग स्तरों के मूल्यांकन को बेहतर तरीके से संभालना है।
👨🏫 1.53 लाख कर्मियों की बड़ी टीम
मूल्यांकन कार्य को समय पर पूरा करने के लिए इस बार बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। कुल मिलाकर करीब 1.53 लाख कार्मिक इस प्रक्रिया में शामिल हैं।
हाईस्कूल स्तर पर:
लगभग 4300 अंकेक्षक
8550 उप-प्रधान परीक्षक
83,800 परीक्षक
वहीं इंटरमीडिएट स्तर पर:
करीब 2590 अंकेक्षक
5300 उप-प्रधान परीक्षक
48,990 परीक्षक
इतनी बड़ी टीम के जरिए बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कॉपियों की जांच समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।
📦 75 संकलन केंद्रों से भेजी गई कॉपियां
मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदेश के 75 संकलन केंद्रों से सभी उत्तर पुस्तिकाओं को संबंधित मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचा दिया गया है।
इस कार्य को बेहद सावधानी के साथ पूरा किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या देरी न हो। कॉपियों के सुरक्षित परिवहन के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
🧑🏫 शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
मूल्यांकन कार्य में पारदर्शिता और एकरूपता बनाए रखने के लिए सभी नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इस प्रशिक्षण में उन्हें बताया गया कि किस प्रकार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करनी है, अंकन के मानक क्या होंगे और किन बातों का विशेष ध्यान रखना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी छात्रों को समान और निष्पक्ष मूल्यांकन मिले।
⚖️ पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
मूल्यांकन केंद्रों पर निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
🗓️ 1 अप्रैल तक चलेगा मूल्यांकन
यूपी बोर्ड ने मूल्यांकन कार्य के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है। यह प्रक्रिया 18 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल 2026 तक चलेगी।
बोर्ड का लक्ष्य है कि तय समय के भीतर सभी कॉपियों की जांच पूरी कर ली जाए, ताकि समय पर परिणाम घोषित किया जा सके। इससे छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर की योजना बनाने में आसानी होगी।
🧾 मूल्यांकन की निगरानी के लिए अधिकारी नियुक्त
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
75 मुख्य नियंत्रक नियुक्त किए गए हैं
250 उप-नियंत्रक तैनात किए गए हैं
ये अधिकारी मूल्यांकन कार्य की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी केंद्रों पर काम सही तरीके से चल रहा है।
📊 छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह चरण?
मूल्यांकन प्रक्रिया छात्रों के भविष्य के लिए बेहद अहम होती है। इसी के आधार पर उनके अंक तय होते हैं, जो आगे की पढ़ाई और करियर के लिए निर्णायक साबित होते हैं।
इसलिए बोर्ड द्वारा इस प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना अत्यंत जरूरी है। इस बार की व्यवस्थाएं इस दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही हैं।
📢 क्या रखें छात्र ध्यान में?
छात्रों को इस दौरान धैर्य बनाए रखना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।
परिणाम को लेकर जल्दबाजी न करें
आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें
किसी भी गलत सूचना से दूर रहें
बोर्ड जल्द ही परिणाम जारी करने की तारीख की घोषणा करेगा।
🔚 निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होना शिक्षा व्यवस्था का एक बड़ा और महत्वपूर्ण चरण है। 250 केंद्रों और 1.53 लाख कर्मियों के साथ यह प्रक्रिया बड़े स्तर पर संचालित की जा रही है।
बोर्ड की कोशिश है कि हर छात्र को उसका सही मूल्यांकन मिले और परिणाम समय पर घोषित किया जाए। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो इस साल भी छात्रों को समय पर और निष्पक्ष परिणाम मिलने की उम्मीद है।
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