पंजाब के जालंधर जिले में थाना भार्गव कैंप में रविवार शाम एक विवादित घटना सामने आई, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लकड़ी चोरी के आरोप में पकड़े गए एक युवक की कथित तौर पर थाने के अंदर ही पिटाई कर दी गई, जिससे उसकी बाजू तीन जगह से टूट गई। घटना के बाद थाने में काफी देर तक हंगामा चलता रहा और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

मामला शहर के दयोल नगर इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इंद्रजीत नामक व्यक्ति ने अपने परिचितों को सूचना दी कि उसके साले जोबन के साथ बुरी तरह मारपीट की गई है। बताया गया कि यह घटना बूटा मंडी इलाके में स्थित शेरू पंजाबी ढाबा के पास हुई।
पीड़ित पक्ष के अनुसार जोबन ने ढाबे के बाहर रखी टेबल की कुछ लकड़ी आग सेंकने के लिए उठा ली थी। इसी बात को लेकर ढाबा संचालक और उसके साथ मौजूद लोगों ने उस पर चोरी का आरोप लगा दिया। आरोप है कि इसके बाद ढाबा संचालक और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर जोबन की पिटाई कर दी।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक की बाजू तीन अलग-अलग जगह से टूट गई। घायल अवस्था में उसे बाद में पुलिस थाने लाया गया। लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। जब युवक के परिजन और अन्य लोग थाने पहुंचे तो वहां एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया।
परिवार के सदस्यों का आरोप है कि थाने के अंदर भी युवक के साथ दुर्व्यवहार किया गया। पीड़ित पक्ष की एक महिला ने आरोप लगाया कि झगड़े के दौरान उसकी सोने की चेन भी टूट गई। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति को सही तरीके से नियंत्रित नहीं किया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के बीच इस मामले को लेकर कई तरह की बातें सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने कहा कि अगर युवक ने गलती भी की थी तो उसके साथ इतनी बेरहमी से मारपीट करना गलत है।
हालांकि इस मामले में दूसरे पक्ष की कहानी कुछ अलग है। ढाबा संचालक और उसके समर्थकों ने मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि युवक खुद ही आक्रामक हो गया था और वह ढाबे के दरवाजे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था।
दूसरे पक्ष के अनुसार युवक ने पत्थर फेंककर ढाबे में तोड़फोड़ करने की कोशिश की और वहां मौजूद लोगों के साथ गाली-गलौज भी की। उनका कहना है कि स्थिति को संभालने के लिए उसे काबू करना पड़ा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया।
ढाबा संचालक पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि युवक नशे का आदी है और उसी हालत में उसने यह हंगामा किया। उनके अनुसार उन्होंने केवल अपनी सुरक्षा के लिए उसे पकड़ा और पुलिस को सूचना दी।
इस पूरे मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब थाने के अंदर ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ समय के लिए वहां तनावपूर्ण माहौल बन गया और पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
थाना प्रभारी लखबीर सिंह ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब यह विवाद हुआ तब वे मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार मामले की जानकारी मिलने के बाद दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि घायल युवक को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है ताकि उसकी चोटों का सही आकलन किया जा सके। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि मारपीट वास्तव में किस परिस्थिति में हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
इस घटना ने पुलिस थानों में होने वाली ऐसी घटनाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां विवाद सुलझाने के बजाय कभी-कभी झगड़ा और बढ़ जाता है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर किसी पर चोरी का आरोप भी है तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, न कि खुद से सजा देने की कोशिश की जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर झगड़े और विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने जालंधर में कानून व्यवस्था और थानों में होने वाली घटनाओं को लेकर चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस मामले में सच्चाई क्या सामने आती है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
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