Breaking News
Home / पंजाब / महिलाओं पर टिप्पणी से घिरे कांग्रेस विधायक खैहरा, विधानसभा में हंगामा; महिला आयोग ने मांगा जवाब

महिलाओं पर टिप्पणी से घिरे कांग्रेस विधायक खैहरा, विधानसभा में हंगामा; महिला आयोग ने मांगा जवाब

पंजाब की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक Sukhpal Singh Khaira के एक कथित बयान को लेकर भारी हंगामा शुरू हो गया। उनके सोशल मीडिया पर सामने आए बयान को लेकर न केवल पंजाब विधानसभा में तीखी बहस हुई, बल्कि मामला महिला आयोग तक भी पहुंच गया। इस बयान को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताते हुए सत्ता पक्ष और कई महिला विधायकों ने कड़ी नाराजगी जताई है।

मंगलवार को Punjab Legislative Assembly में चल रहे बजट सत्र के दौरान यह मुद्दा जोर-शोर से उठा। हालांकि जिस समय यह मामला सदन में उठाया गया, उस समय सुखपाल सिंह खैहरा सदन में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद उनके बयान को लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने सदन में खैहरा के सोशल मीडिया पर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए उसे पढ़कर सुनाया। इस बयान में कथित तौर पर कहा गया था कि “1,000 रुपये लेकर औरतें कौन सा सूरमा पैदा कर देंगी।” यह टिप्पणी राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक सहायता देने से जुड़ी योजना के संदर्भ में बताई जा रही है।

जैसे ही यह बयान सदन में पढ़ा गया, विधानसभा में माहौल गरमा गया। सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने इसे महिलाओं का अपमान बताया और खैहरा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बयान न केवल महिलाओं बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय की बहू-बेटियों का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि को अपनी भाषा और व्यवहार में संयम रखना चाहिए।

विवाद बढ़ने के बाद सदन में खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाया गया। सत्ता पक्ष के विधायकों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे पारित कर दिया गया। इस दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

इधर विधानसभा के बाहर भी इस बयान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए Punjab State Women’s Commission ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए खैहरा को नोटिस जारी किया है।

महिला आयोग ने खैहरा के साथ-साथ पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष Amrinder Singh Raja Warring को भी तलब किया है। दोनों नेताओं को 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। आयोग का कहना है कि बयान के संबंध में दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।

इसके अलावा महिला आयोग ने कपूरथला जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा सकती।

विधानसभा में भी इस मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध देखने को मिला। आम आदमी पार्टी की महिला विधायकों ने खैहरा के बयान को लेकर कड़ा रुख अपनाया। इस दौरान कई महिला विधायक बेहद आक्रामक नजर आईं और उन्होंने सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

आप की विधायक Inderjit Kaur Mann, Sarbjit Kaur Manuke और Jeevan Jyot Kaur ने खैहरा के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती। उनका कहना था कि यह बयान महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।

विरोध इतना बढ़ गया कि कुछ महिला विधायक सदन के वेल में पहुंच गईं और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना था कि खैहरा को सदन में आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए।

इस बीच विपक्ष की ओर से भी स्थिति को संभालने की कोशिश की गई। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता Pratap Singh Bajwa ने खैहरा के बयान पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस बयान से ठेस पहुंची है तो इसके लिए माफी मांगी जाती है।

बाजवा ने यह भी कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा अगले दिन विधानसभा में आकर अपने बयान पर स्पष्टीकरण देंगे। हालांकि सत्ता पक्ष की महिला विधायकों ने इस पर भी कड़ा रुख अपनाया और कहा कि केवल माफी से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस मामले में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।

सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। बाद में जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो इस मुद्दे पर फिर चर्चा हुई।

आम आदमी पार्टी की विधायक सरबजीत कौर माणुके ने खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि इस तरह के बयान समाज में गलत संदेश देते हैं। उन्होंने मांग की कि खैहरा को सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल यह मामला पंजाब की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है। एक ओर जहां सत्ता पक्ष खैहरा के बयान को महिलाओं के सम्मान से जोड़कर देख रहा है, वहीं विपक्ष इसे अलग तरीके से पेश करने की कोशिश कर रहा है।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि महिला आयोग की सुनवाई में क्या फैसला आता है और सुखपाल सिंह खैहरा इस पूरे विवाद पर क्या सफाई देते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।

Check Also

पंजाब में दर्दनाक सड़क हादसा: शादी में जा रही दो सहेलियों की मौत, तेल टैंकर की टक्कर से बुझ गईं दो जिंदगियां

पंजाब के होशियारपुर जिले के मुकेरियां इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों …

मोमोज और सोया चाप खाने के बाद दो मासूमों की मौत, सुबह बिस्तर पर मिले नीले पड़े शव

पंजाब के तरनतारन जिले से एक बेहद दर्दनाक और रहस्यमयी मामला सामने आया है। यहां …

तरनतारन में दर्दनाक घटना: मोमोज और चाप खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, सगे भाई-बहन की मौत से परिवार में मातम

पंजाब के तरनतारन शहर से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, …