आजमगढ़ जिले में इन दिनों मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए बड़े स्तर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाया जा रहा है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शुरू हुई इस प्रक्रिया में जिले के 7,68,652 मतदाताओं को अलग-अलग श्रेणियों में चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए हैं। इन श्रेणियों में नो मैपिंग, डुप्लीकेट नाम, स्थानांतरण (शिफ्टेड) और अन्य तकनीकी त्रुटियां शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आगामी चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास है।

जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, हर बूथ पर तैनात बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे एक-एक फॉर्म का गहन सत्यापन करें। घर-घर जाकर जांच करने, दस्तावेजों का मिलान करने और वास्तविक स्थिति का आकलन करने की जिम्मेदारी बीएलओ को सौंपी गई है। दावा और आपत्तियां 6 मार्च तक स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद 27 मार्च को सभी लंबित मामलों की सुनवाई की जाएगी और 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
इस पुनरीक्षण अभियान के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों में विसंगतियां हैं। कई ऐसे नाम पाए गए जो एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, कुछ लोग जिले से बाहर स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि कुछ मामलों में पता और पहचान संबंधी जानकारी स्पष्ट नहीं है। ऐसी सभी प्रविष्टियों को चिन्हित कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस भेजा गया है, ताकि वे निर्धारित समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकें।
अब तक 1,30,402 मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। वहीं 2,20,828 मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से नोटिस वितरित किए गए हैं। हालांकि, 27,392 ऐसे मामले सामने आए जिनमें लोग सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रशासन ने ऐसे मतदाताओं को दोबारा अवसर देने के लिए नया कार्यक्रम जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाया नहीं जाएगा, जब तक उसे पूरा अवसर न दिया जाए।
मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के तहत 2,720 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें कई लोगों ने स्वयं अपना नाम हटाने का अनुरोध किया है, जबकि कुछ मामलों में अन्य व्यक्तियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इसके अलावा 25,811 मतदाताओं ने अपने नाम, पते, आयु या अन्य विवरण में संशोधन के लिए आवेदन किया है। इन सभी आवेदनों की क्रमवार जांच की जा रही है और सही पाए जाने पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
इस बार एक रोचक तथ्य यह भी सामने आया है कि अंडमान-निकोबार, गोवा, दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों से भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब तक कुल 98 ऐसे आवेदन आए हैं। इन आवेदनों की जांच के लिए संबंधित शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। प्राथमिक स्तर के प्रमाणपत्रों की जांच बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी गई है, जबकि माध्यमिक स्तर के दस्तावेजों की जांच जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय द्वारा की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी तरह की फर्जी प्रविष्टि को रोका जाए और केवल पात्र नागरिकों को ही मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
युवाओं की भागीदारी भी इस अभियान में उल्लेखनीय रही है। एक जनवरी तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले 1,23,669 युवाओं ने फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। इनमें से 66,835 आवेदनों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है और इन युवाओं के नाम जल्द ही सूची में जोड़े जाएंगे। शेष आवेदनों की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है। अधिकारियों का मानना है कि युवाओं की बढ़ती भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
6 जनवरी से 11 फरवरी तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच को मजबूत बनाया। डेटा मिलान, भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की क्रॉस-चेकिंग की जा रही है। हर बूथ पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गई है।
निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है। यदि सूची में डुप्लीकेट या स्थानांतरित व्यक्तियों के नाम बने रहते हैं तो चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह व्यापक अभियान जिले के हर कोने में गंभीरता से संचालित किया जा रहा है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जिनके पास नोटिस पहुंचे हैं वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों। साथ ही जिन लोगों ने अभी तक अपना नाम दर्ज नहीं कराया है, वे भी समय रहते आवेदन करें। दावा और आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 अप्रैल को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची आजमगढ़ जिले की अद्यतन और संशोधित मतदाता सूची होगी।
इस व्यापक कवायद के बाद उम्मीद की जा रही है कि जिले की मतदाता सूची पहले से कहीं अधिक सटीक और पारदर्शी होगी। निर्वाचन आयोग का स्पष्ट संदेश है कि कोई भी योग्य मतदाता वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। इसी लक्ष्य के साथ आजमगढ़ में यह महाअभियान निरंतर जारी है।
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