देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी के बीच अब राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, आज से मौसम का मिजाज बदलने वाला है और आने वाले दिनों में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिलेग

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है, जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके असर से आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने इस सप्ताह के चार दिनों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि बृहस्पतिवार, शुक्रवार, रविवार और सोमवार को अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान कहीं-कहीं आंधी और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
हालांकि 28 मार्च को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन 26, 27, 29 और 30 मार्च को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। इन दिनों में बादल छाए रहने, हवा की गति तेज रहने और बीच-बीच में बारिश होने से वातावरण ठंडा बना रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि 30 मार्च तक मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
बुधवार को दिनभर तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हुआ। सुबह से ही चटक धूप निकलने लगी थी, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि बीच-बीच में चल रही हवाओं ने मौसम को कुछ हद तक संतुलित बनाए रखा। इस दिन अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आर्द्रता के स्तर में भी काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। अधिकतम आर्द्रता 94 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि न्यूनतम आर्द्रता 33 प्रतिशत रही। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि वातावरण में नमी बढ़ रही है, जो आने वाली बारिश की संभावना को मजबूत करता है।
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में तापमान में हल्का अंतर देखने को मिला। रिज क्षेत्र में अधिकतम तापमान 34 डिग्री, आया नगर में 33.7 डिग्री, लोधी रोड में 33.8 डिग्री और पालम में 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का प्रभाव थोड़ा-बहुत अलग रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर भी मैदानी इलाकों के मौसम पर पड़ रहा है। हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवाएं नीचे की ओर आ रही हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
आने वाले दिनों में लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के इस बदलाव के लिए तैयार रहें। तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने या धूल भरी आंधी आने की संभावना रहती है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। खासकर खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बारिश के चलते जहां एक ओर मौसम सुहावना हो जाएगा, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक और दैनिक जीवन पर इसका असर भी पड़ सकता है। सड़कों पर जलभराव और फिसलन जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
कृषि क्षेत्र के लिए यह मौसम मिला-जुला प्रभाव लेकर आ सकता है। जहां हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, वहीं तेज हवाएं और आंधी नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।
स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह मौसम परिवर्तन महत्वपूर्ण है। तापमान में अचानक बदलाव और नमी बढ़ने से सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी दिलचस्प रहने वाले हैं। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और बारिश के कारण सतर्क रहने की जरूरत भी होगी। मौसम का यह बदलाव लोगों को राहत के साथ-साथ सावधानी का संदेश भी दे रहा है।
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