फतेहाबाद क्षेत्र में मारपीट की एक घटना ने दुखद मोड़ ले लिया। 31 जनवरी को रास्ते में रोककर बेरहमी से पीटे गए 25 वर्षीय युवक शांति प्रकाश ने नौ दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद शनिवार दोपहर इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना थाना डौकी क्षेत्र की है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।

मृतक शांति प्रकाश, थाना शमसाबाद क्षेत्र के कौलारा खुर्द गांव निवासी पप्पू किसान का इकलौता पुत्र था। परिवार के मुताबिक, 31 जनवरी को शांति प्रकाश अपने ममेरे भाई रामनाथ के साथ बाइक से नीवरी गांव की ओर जा रहा था। रास्ते में नीवरी निवासी श्रीनिवास, प्रीमा उर्फ रीना/रीमा (पत्नी डंबल सिंह उर्फ मुकेश) और रिंकू ने उनकी बाइक रोक ली। आरोप है कि तीनों ने गाली-गलौज करते हुए परिवार की एक महिला को परेशान करने का आरोप लगाया और बात बढ़ते ही लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
ममेरे भाई ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर नहीं माने। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शांति प्रकाश को बेरहमी से पीटा गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे तो आरोपित धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था में परिजन उसे घर ले आए। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उपचार चलता रहा।
घटना के कुछ दिन बाद, बृहस्पतिवार को शांति प्रकाश के पिता ने थाना डौकी में तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शनिवार दोपहर करीब दो बजे अस्पताल से खबर आई कि शांति प्रकाश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां की हालत बिगड़ गई और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
एसीपी फतेहाबाद अनिल कुमार ने बताया कि मारपीट में घायल युवक की मृत्यु हो चुकी है। पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब मामले में धारा बदलने की प्रक्रिया भी की जा सकती है, क्योंकि पीड़ित की मृत्यु हो चुकी है। जांच का फोकस इस बात पर है कि मारपीट की वजह क्या थी और हमला पूर्व नियोजित था या अचानक विवाद के चलते हुआ। मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं।
परिवार का कहना है कि शांति प्रकाश अविवाहित था और बाहर काम करता था। वह घर का सहारा था। इकलौते बेटे की मौत ने माता-पिता को तोड़कर रख दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक, शांति प्रकाश मिलनसार स्वभाव का था और किसी से रंजिश की जानकारी पहले कभी सामने नहीं आई। घटना के बाद गांव में आक्रोश है और लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते में रोककर हमला करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना एक बार फिर सड़क पर होने वाले विवादों के हिंसक रूप लेने की चिंता बढ़ाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मामूली आरोप-प्रत्यारोप और आपसी कहासुनी जब हिंसा में बदल जाती है, तो उसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। समय रहते संवाद और कानूनी रास्ता अपनाना ही ऐसे टकरावों को रोक सकता है।
फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। परिवार न्याय की उम्मीद में है। गांव में शांति प्रकाश की अंतिम विदाई नम आंखों के साथ हुई। इकलौते बेटे को खोने का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है—माता-पिता के लिए यह सदमा जीवनभर का घाव बन गया है।
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