Breaking News

बिहार :: बनारस के तर्ज पर धनेश्वर घाट मंदिर परिसर सरोवर में देव दीपावली का आयोजन

बिहारशरीफ : शनिवार की संध्या काल में स्थानीय धनेश्वर घाट मंदिर परिसर अवस्थित सरोवर के चतुर्दिक घाटों पर देव दीपावली का आयोजन किया गया। इस देव दीपावली के अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित जन समूह बनारस की तर्ज पर बिहारशरीफ में देव दीपावली का भक्तिमय व मनमोहक दृष्य का आनन्द उठाया। इस दौरान नन्हें नन्हें असंख्य दीप झिलमिला उठे और सरोवर के आसपास का महौल खुशनुमा बना गया। देव दीपावली व गंगा आरती आयोजन समिति के अध्यक्ष परमेश्वर महतो ने इस संबंध मे बताया कि दीपक पवित्रता और शुचिता का पर्याय है। देव दीपावली की पृष्ठभूमि कई पौराणिक कथाओं से परिपूर्ण है। भगवान शंकर द्वारा सभी देवताओं को उत्पीड़ित करने वाले राक्षस त्रिपुरासुर का वध उनकी प्रार्थना पर किया गया जिससे उल्लासित होकर समस्त देवों ने दीपावली मनायी, जिसे आगे चलकर परम्पंराओं मे देव दीपावली की मान्यता मिली। धनेश्वर घाट मुहल्ला निवासी वरीय अधिवक्ता व समिति के उपाध्यक्ष रवि रंमण ने बताया कि हम सभी कार्तिक अमावश्य की रात को दीपावली मनाते है तो देवों द्वारा दीपावली कार्तिक पूर्णमासी की रात को मनाया जाता है। दीप हर्ष, पवित्रता एवं प्रकाश का प्रतीक हैं जिससे अंधकार तिरोहित होते हुए हमारा जीवन प्रकाशमय होता है। इस परम्परा के अनुसार काशी के घाटों पर असंख्य दीप जलाकर 33 कोटि देवताओं द्वारा भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। तदोपरांत देव दीपावली का भव्य आयोजन होता है। गोल इस्टीट्यूट के निदेशक संजय कुमार के सार्थक प्रयास से यह कार्यक्रम साकार किया जाता रहा है। पिछले दो सालों से इस पौराणिक परम्परा को मंदिर परिसर तालाब में सजीव करने की सार्थक कोशिश देव दीपावली आयोजन समिति द्वारा किया जाता रहा है। इस आयोजन में हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुगण असंख्य दीपों का दान कर गंगा आरती की प्रतीकात्मक जल श्रोतों यथा तालाब का पूजन करते रहे हैं। गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि अभिमन्यु कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम मे एक संदेश निहित है जल ही जीवन है और जलश्रोतां को स्वच्छ व शुचित रखने का भरसक प्रयास से ही हमारे जीवन की समृद्धि और उन्नति संभव है। धनेश्वरघाट मे इस नई परंपरा की शुरूआत गायत्री परिवार के द्वारा तीन वर्ष पूर्व किया गया था। इस अवसर पर प्रो0 आशुतोष शरण, संतोष कुमार उर्फ सन्नू कुमार, श्रवण कुमार, अनिल कुमार, रंजीत कुमार सिन्हा सहित हजारों लाग उपस्थित थे।

Check Also

दर दर की ठोकरे खा रहे बुजुर्ग, नही हो रहा विश्वविद्यालय थाना में एफआईआर दर्ज

मामले को अकिंत करने के बजाय उलझाने में लगे है विश्वविद्यालय थाना दरभंगा। विश्वविद्यालय थाना …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *