बिहार :: मूल्याकंन कार्य का बहिष्कार करने वाले शिक्षकों पर दर्ज होगी एफआईआर

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दरभंगा : सूबे के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ मैट्रिक एवं इन्टरमीडिएट परीक्षा के उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन​ कार्य को ससमय पूरा करवाने हेतु सख्त निदेश दिया गया। मुख्य सचिव ने मैट्रिक एवं इन्टरमीडिएट परीक्षा की कॉपी की जाँच प्रक्रिया में अवरोध डालने वालो पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निदेश दिया है। जिला के तीनों​ मूल्यांकन​ केन्द्रों एम0आर0एम0 कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज एवं एम0एल0 एकेडमी पर धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दिया गया है। इस संबंध में अनुमण्डल पदाधिकारी सदर, दरभंगा द्वारा धारा – 144 लगाया जाएगा। अनुमण्डल पदाधिकारी सदर, दरभंगा के द्वारा मूल्यांकन स्थल पर दण्डाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। मूल्याकंन स्थल पर धरना-प्रदशर्न करने वाले शिक्षकों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एफ0आई0आर0 दर्ज की जाएगी। कुल 1120 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति उत्तरपुस्तिका की जाँच हेतु की गई थी। जिसमें से 446 शिक्षकों ने योगदान दिया था एवं 674 अनुपस्थित थे। योगदान करने के बावजूद कार्य नहीं करने वाले​ को अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित मान कर कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर जिलाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को सी0बी0एस0ई0 से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों एवं किसी भी कॉलेज से सक्षम शिक्षकों को कॉपी जाँच करने हेतु प्रतिनियुक्त करने का अधिकार दिया गया है। पूर्व से प्रतिनियुक्त शिक्षकों को 08 अप्रैल 2017 के 10 बजे तक का समय योगदान हेतु दिया गया है। अन्तिम रूप से अनुपस्थित शिक्षकों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए विभाग को भी विभागीय कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन भेज दिया जाएगा। मूल्याकंन कार्य में बाधा उत्पन्न करने से राज्य के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होते देख सरकार ने सख्त कदम उठाने का निश्चय किया है। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में उप विकास आयुक्त श्री विवेकानन्द झा, डीआरडीए निदेशक श्री नरेश झा, विशेष कार्यपदाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार दिवाकर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) श्री प्रमोद कुमार साहु, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी श्री कन्हैया कुमार व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।