पंजाब के हालात यू.पी.-बिहार जेसे होते जा रहे है !

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जालंधर(राजीव धम्मि) :: कुछ समय पimages (1)हले पंजाब को एक सुरक्षित राज्य माना जाता था। परंतु आज कल लूट पाट, कतल होना एक आम बात हो गई है। हम बात कर रहे है पंजाब की जो बोर्ड से घिरा हुआ राज्य है। पंजाब हमेशा भारत की सभी सुरक्षा एजेंसीज के लिए हाई अलर्ट पर रहता है और पंजाब की पुलिस भी अपने काम और सुरक्षा के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। परंतु पिछले एक दो महीनो में पंजाब के कुछ राज्यों में लूट पाट , सरे आम गोली चलना , किडनैपिंग जेसी वारदाते बड़ी है। सबसे जादा ऐसी वारदातेपंजाब के जालंधर डिस्ट्रिक्ट में हुयी है। कुछ पहले जालंधर के व्येपारी बिल्ला हत्या काण्ड हुआ जिसे आज पुरे 45 दिन हो गये है और जालंधर पुलिस अभी तक इस क़त्ल की गुत्थी को सुलझा नहीं पाई। अभी बिल्ला हत्या कांड हुआ ही था की जालंधर के धोभी घाट के पास एक नोजवान की मामूली सी लड़ाई को लेकर गोली मार कर हत्या कर दी गई, जिस की भी गुत्थी अभी तक जालंधर के पुलिस कमिश्नर द्वारा सुलझाई नहीं गई, इस रिम्प्ले हत्या कांड हो हुए भी करीबन तीस

दिन हो चुके है। उसके बाद अभी पिछले शुक्रवार को जालंधर के ही भीड़-भांड़ वाले इलाके लाल रतन सनीमा के पास से एक लड़की को कुछ लोगो ने अघ्वाह कर लिया जिस सुराग़ पुलिस अभी तक नहीं लगा पाई। इन सबके बाद बीते शनिवार को आर.एस.एस चीफ ब्रिगेडियर गगनेजा को जालंधर के सबसे भीड़ भाड़ वाले इलाके में मोटर साइकिल सवार दो युवको ने सारे आम गोलियां मार घायल कर दिया और गोलियां चला कर युवक बड़े आराम से मोका वारदात से फरार ही गए। बताया जा रहा है की ब्रिगेडियर गगनेजा पर गोलियां चलाने   वाले युवको ने पहले दो हवा में फायर किये और फिर ब्रिगेडियर गगनेजा के एक दम पास आकर तीन गोलियां उनपर चलाई जो की सीधे उनके पेट में और लिवर में जा लगी, एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान उनके शरीर में से दो गोलियां निकाल ली गई है परंतु लिवर में लगी गोली अभी तक उनके लिवर में ही फसी हुयी है जिससे निकालने  की लिए उन्हीने लुधियाना के डी.एम्.सी में दाखिल करवाया गया है जहाँ उनका आगे का इलाज चल रहा है। अगर पुलिस इस की वारदातो को सुलझने की बजाये बे-फाल्तू के पुलिस पब्लिक मीट, कही पौधे लगाना, कही पुलिस मुलाजिओ की रेटीर्मेंट पार्टी करना क्या इन सबसे अपराध कम होगा? पुलिस पब्लिक मीट, शहर में हर जगह पुलिस के नाके होने के बावजूद भी अपराधी इतनी बड़ी घटनाओ को अंजाम दे जाते है और हमारी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बेठी रहती है।

हमारा सवाल ये है की क्या पुलिस में अब वो बात नहीं रह गई? जो की आज से पहले बड़े से बड़ी वारदात को समय रहते सुलझा लेती थी। अब इस क्या हो गया की  पिछले दो महीनो में हुए इतने गोली कांडों को पुलिस सुलझा नहीं पाई और अपराधी नए पर नए कांड करते जा रहे है। जालंधर के लोग इन वरदातो को देख बहुत घबराये हुए है। इतनी पुलिस की सुरक्षा होने के बाद भी जालंधर की जनता अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है। अपराधियो को हौसले इतने बुलंद ही चुके है की वो ऐसी वारदातो को खुले आम भीड़-भाड़ वाले इलाको में भी अंजाम देने से डरते नहीं है। यू.पी और बिहार में ये सब सुणने और देखने को मिलता था परंतु अब तो पंजाब की हालात भी यू.पी और बिहार जेसी ही बनती जा रही है।