राज प्रताप सिंह,ब्यूरो लखनऊ
लखनऊ।बिजली विभाग के मीटर रीडर अब घर बैठे एसबीएम (स्पॉट बिलिंग मशीन) में रीडिंग भरकर बिल नहीं बना सकेंगे और न ही फील्ड में रहकर उपभोक्ता से साठगांठ करके कम रीडिंग का बिल बना पाएंगे। दरअसल लेसा आज से एड्रांयड मोबाइल फोन से बिल जनरेट करना शुरू कर दिया है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने पहली बार एक जोन और एक बिलिंग कंपनी की तर्ज पर डोर-टू-डोर मीटर रीडिंग कराकर बिल जनरेट करने का ठेका चंडीगढ़ की एक निजी फर्म कॉम्पेक्ट एनर्जी को दिया है। कंपनी ने अमीनाबाद से बिलिंग का शुभारंभ भी कर दिया है। इसके बाद अन्य विद्युत खंडों को जिम्मेदारी दी जायेगी। निजी फर्म अमीनाबाद के बाद हुसैनगंज, चौक, रेजीडेंसी, ठाकुरगंज, आलमबाग एवं कानपुर रोडके करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं की बिलिंग करेगी।
मीटर में रीडिंग स्टोर करके कम यूनिट का बिल बनवाने से बिजली विभाग को नुकसान हो रहा है। उपभोक्ता के मीटर में जब काफी रीडिंग होती है तो वह छापेमारी के डर से मीटर खराब दिखा बदलवाने का खेल करता है। रीडर से खराबी की रिपोर्ट लगाकर मीटर बदलवा लेते हैं जबकि मीटर सही होता है।
एसबीएम की जगह मोबाइल
बिलिंग कर्मचारी एसबीएम (स्पॉट बिलिंग मशीन) के बजाय एंड्रॉयड मोबाइल से बिलिंग करेगा। मोबाइल से छोटा प्रिंटर कनेक्ट होगा। बिलिंग कर्मचारी जब उपभोक्ता का बिल बनाने जाएगा तो मोबाइल को मीटर पर लगी डिवाइस से कनेक्ट करेगा। इससे मीटर रीडिंग के मुताबिक बिल जनरेट हो जायेगा।
बिजली मीटर में डिवाइस
निजी कंपनी मीटर के ऊपर एक चिप यानी डिवाइस लगाई गई है। उपभोक्ता जितनी बिजली का उपभोग करेगा उसकी यूनिट मीटर के साथ ही डिवाइस में भी दर्ज हो जाएगी। कंपनी के कर्मचारी मोबाइल से डिवाइस का कनेक्शन करने के बाद बिल जनरेट करेंगे।
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