दरभंगा : जिलाधिकारी ने मनरेगा योजना के तहत आहर/पोखर की उड़ाही/चेक डैम का निर्माण की प्रगति संतोषजनक नहीं पाये जाने पर सबसे खराब उपलब्धि हासिल करने वाले कार्यक्रम पदाधिकारी/कनीय अभियंता से स्पष्टीकरण पूछने का निदेश दिया है। इसमें हायाघाट, गौड़ाबौराम, बेनीपुर, बहादुरपुर के प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल है। गौड़ाबौराम के कार्यक्रम पदाधिकारी के बैठक से अनाधिकृत तौर पर अनुपस्थित रहने के चलते उसे कारण पृच्छा करते हुए उनके एक दिन का मानदेय की कटौती कर लेने का निदेश दिया है।
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मनरेगा योजना के तहत सभी प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रति पंचायत 05-05 सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर संस्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं नलकूप, हैंडपंप, कुँआ आदि जल श्रोतों जहाँ पानी निकालने के क्रम में कुछ पानी बह जाता है, वहाँ पर सोख्ता का निर्माण कराने को कहा गया है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि जिला में पारिस्थितिकी संतुलन हेतु 21 जुलाई को एक साथ एक लाख पौधारोपण का बृह्त लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 68 हजार से अधिक पौधे मनरेगा योजना से लगाये जायेंगे। जिलाधिकारी ने ग्रामीण सम्पर्क पथों के दोनों किनारे एक ही तरह के पौधे लगाने को कहा है ताकि उक्त गाँवों का पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ प्राकृतिक सौदर्य में भी इजाफा हो। वे कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित मनरेगा योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जल संचयन, सोख्ता निर्माण आदि योजनाओं का वृहत प्रचार-प्रसार किया जाये ताकि आमलोगों में पर्यावरण एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े। इन लोकोपयोगी योजनाओं का उद्घाटन माननीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराये जायें। जिलाधिकारी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता निर्माण एवं पौधारोपण स्थलों का चयन कर सूची तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निदेश दिया है। इस बैठक में डी.डी.सी. डॉ. कारी प्रसाद महतो, निदेशक डी.आर.डी.ए. मो. वसीम अहमद एवं सभी कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे।
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