उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर रेलवे के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने हजरतगंज स्थित उत्तर रेलवे मुख्यालय में तैनात असिस्टेंट डिवीजनल फाइनेंस अफसर (एडीएफएम) और एक अकाउंटेंट को 70 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा। दोनों पर पेंशन जारी करने के बदले लाखों रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।

सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने एक महिला की पेंशन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर कुल 3.50 लाख रुपये की घूस की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपियों के आवास पर भी छापेमारी की है।
यह मामला तब सामने आया जब छितवापुर निवासी अभिषेक सिंह ने सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। अभिषेक ने बताया कि उनकी चाची रानी गौतम की पेंशन जारी करने के लिए डीआरएम कार्यालय में तैनात अकाउंटेंट आकाश त्यागी ने रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि आकाश त्यागी ने पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) जारी करने के लिए एक लाख रुपये और पेंशन का भुगतान शुरू कराने के बदले 2.50 लाख रुपये और देने को कहा था।
शिकायत में यह भी बताया गया कि घूस की रकम असिस्टेंट डिवीजनल फाइनेंस अफसर अक्षय श्रीवास्तव तक पहुंचाई जानी थी। अभिषेक सिंह ने आकाश त्यागी से हुई बातचीत के ऑडियो और अन्य सबूत भी सीबीआई को सौंपे, जिनमें 22 जनवरी को पीपीओ जारी होने के बदले एक लाख रुपये देने की बात शामिल थी।
शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर सीबीआई ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत मंगलवार को अभिषेक सिंह को 70 हजार रुपये की घूस के साथ अकाउंटेंट आकाश त्यागी के पास भेजा गया। जैसे ही आकाश ने रिश्वत की रकम ली, मौके पर मौजूद सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और रकम बरामद कर ली।
इसके बाद सीबीआई ने मामले में संलिप्त पाए जाने पर असिस्टेंट डिवीजनल फाइनेंस अफसर अक्षय श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके आवासों पर भी तलाशी ली गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस तरह के अन्य मामलों में भी उनकी भूमिका तो नहीं रही है।
सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को बुधवार को लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
सीबीआई की इस कार्रवाई को सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जांच एजेंसी ने साफ किया है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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