गया जिले के नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। छक्करबंधा जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान के दौरान सीआरपीएफ ने एक प्राकृतिक गुफा से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई को नक्सलियों की संभावित बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम करने के रूप में देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोबरदाहा क्षेत्र अंतर्गत छक्करबंधा जंगल में हथियार और विस्फोटक छिपाए जाने की पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर एफ/47 बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। यह अभियान नक्सल गतिविधियों पर लगाम कसने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया गया।
तलाशी के दौरान पंचरुखिया कैंप से करीब 3.5 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित घने जंगल में सुरक्षा बलों को एक प्राकृतिक गुफा का पता चला। जब गुफा की गहन जांच की गई तो वहां छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जिसे देखकर सुरक्षाबल भी सतर्क हो गए।
सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री में 29 वाणिज्यिक डेटोनेटर, स्टील केन में रखा करीब 3 किलोग्राम का प्रेशर आईईडी और 25 मीटर नॉटेड कॉर्डटेक्स वायर शामिल है। इसके अलावा 7.62 मिमी के 33 जिंदा कारतूस और 13 खाली खोखे, 7.62×39 मिमी एके-47 के 7 जिंदा राउंड और 18 खाली खोखे भी बरामद किए गए हैं।
इतना ही नहीं, तलाशी के दौरान 9 मिमी के 2 जिंदा कारतूस, 5.56×45 मिमी इंसास राइफल के 2 जिंदा कारतूस तथा .303 बोर का एक खाली खोखा भी सुरक्षा बलों के हाथ लगा है। बरामद सभी हथियारों और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से जब्त कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीआरपीएफ के कमांडेंट अवधेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका है कि यह सामग्री नक्सली या अन्य विध्वंसक संगठनों द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के इरादे से जंगल में छिपाकर रखी गई थी। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी अनहोनी टल गई है।
फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। एहतियातन इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और संदिग्ध नक्सली तत्वों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल सहित आसपास के इलाकों में पहले भी बिहार पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा कई बार हथियार और गोला-बारूद बरामद किए जा चुके हैं। नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई से क्षेत्र में उनकी गतिविधियों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !
