देशी शराब, विदेशी शराब और बीयर सहित अवैध मादक पदार्थों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन एवं मद्यनिषेध विभाग की सख्ती जारी
दरभंगा। राज्य में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से दरभंगा जिला प्रशासन एवं मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग द्वारा लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी, दरभंगा कौशल कुमार के निर्देशानुसार मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग, दरभंगा द्वारा विभिन्न मामलों में जब्त की गई अवैध शराब का बुधवार, 02 सितंबर 2026 को विधिवत विनष्टीकरण किया गया।

मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग, दरभंगा परिसर में निर्धारित नियमों एवं सरकारी मानकों के अनुरूप आयोजित इस विनष्टीकरण अभियान के दौरान कुल 4,088.405 लीटर अवैध शराब को नष्ट किया गया। नष्ट की गई शराब में बड़ी मात्रा में विदेशी शराब के साथ-साथ देशी शराब और बीयर भी शामिल है। विभाग के अनुसार विनष्टीकरण की गई अवैध शराब का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 44 लाख रुपये है।
इस संबंध में सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध प्रदीप कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी एवं जांच अभियान के दौरान जब्त की गई शराब को नियमानुसार सुरक्षित रखा गया था। सक्षम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त शराब का विधिवत विनष्टीकरण कराया गया।
उन्होंने बताया कि बुधवार को संपन्न विनष्टीकरण प्रक्रिया में कुल 4,088.405 लीटर अवैध शराब नष्ट की गई। इसमें 389.200 लीटर देशी शराब, 3,591.105 लीटर विदेशी शराब तथा 170.500 लीटर बीयर शामिल है। इसके अतिरिक्त 600 मि.ली. कोडीन कफ सिरप भी विनष्टीकरण की कार्रवाई में शामिल रहा।
अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुई कार्रवाई
मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग परिसर में अवैध शराब के विनष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के तहत संपन्न कराई गई। इस दौरान अपर अनुमंडल पदाधिकारी-सह-प्रभारी भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सदर सोनल कुमार महतो तथा सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध दरभंगा प्रदीप कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी एवं विभागीय कर्मी मौजूद रहे।

अधिकारियों की उपस्थिति में जब्त शराब का नियमानुसार सत्यापन एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसका विनष्टीकरण किया गया। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि विनष्टीकरण की पूरी कार्रवाई पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप हो।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार शराबबंदी कानून के तहत जब्त की गई शराब को नियमानुसार विनष्टीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इसके बाद सक्षम पदाधिकारियों की उपस्थिति में उसका निस्तारण किया जाता है। इसी क्रम में बुधवार को भी बड़ी मात्रा में जब्त अवैध शराब को नष्ट किया गया।
करीब 44 लाख रुपये की अवैध शराब नष्ट
इस कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विनष्टीकरण की गई अवैध विदेशी शराब, बीयर एवं देशी शराब का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 44 लाख रुपये बताया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब का नष्ट किया जाना जिले में शराबबंदी कानून के प्रभावी अनुपालन को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।
जिला प्रशासन द्वारा लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। इसके लिए मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी, जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध शराब को जब्त करना ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण एवं आपूर्ति की पूरी श्रृंखला पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। इसके तहत शराब के अवैध निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शराबबंदी कानून के अनुपालन को लेकर प्रशासन प्रतिबद्ध
सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध प्रदीप कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू शराबबंदी कानून का प्रभावी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। जिले में किसी भी प्रकार से अवैध शराब के कारोबार को बढ़ावा देने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभागीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून का उद्देश्य समाज में नशे के दुष्प्रभाव को कम करना तथा लोगों को नशामुक्त एवं स्वस्थ सामाजिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रशासन, पुलिस, मद्यनिषेध विभाग तथा आम नागरिकों के बीच समन्वय आवश्यक है।
अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान
दरभंगा जिले में अवैध शराब के विरुद्ध मद्यनिषेध विभाग द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान चलाया जाता रहा है। अभियान के दौरान संदिग्ध स्थानों की जांच, छापेमारी, अवैध शराब की बरामदगी तथा कारोबार से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

प्रशासन का मानना है कि अवैध शराब का कारोबार केवल कानून व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव परिवार, समाज और युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। अवैध शराब के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक कठिनाइयां भी उत्पन्न होती हैं। ऐसे में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाना समाजहित में अत्यंत आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से जिले में मद्यनिषेध विभाग की कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा रहा है। अधिकारियों को प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने तथा शराब के अवैध कारोबार की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आम लोगों से सहयोग की अपील
सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध ने आम नागरिकों से शराबबंदी कानून के अनुपालन में प्रशासन को सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार को रोकने में आम लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री से संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। समय पर प्राप्त सूचना के आधार पर विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के सहयोग से ही अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने तथा नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए प्रशासन के साथ आम लोगों की सहभागिता जरूरी है।
प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संदेश
एक ही दिन में करीब 4,088 लीटर अवैध शराब का विनष्टीकरण और करीब 44 लाख रुपये के अनुमानित बाजार मूल्य की शराब को नष्ट किया जाना अवैध शराब कारोबारियों के लिए प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संदेश है। जिला प्रशासन ने यह संकेत दिया है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशानुसार मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग का जोर अवैध शराब के स्रोत तक पहुंचने और इसके कारोबार की पूरी श्रृंखला को तोड़ने पर है।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन से संबंधित मामलों में जब्ती एवं कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। जब्त शराब के विनष्टीकरण की कार्रवाई भी सक्षम प्राधिकार के आदेश एवं निर्धारित नियमों के तहत की जाएगी।
बुधवार को संपन्न इस विनष्टीकरण कार्रवाई से एक ओर जहां जब्त अवैध शराब का सुरक्षित एवं विधिसम्मत निस्तारण हुआ, वहीं दूसरी ओर शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता भी सामने आई।
जिला प्रशासन एवं मद्यनिषेध विभाग ने दोहराया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य जिले में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करना और समाज को नशे के दुष्प्रभाव से मुक्त बनाने में हरसंभव प्रयास करना है।
आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे शराबबंदी कानून का पालन करें, अवैध शराब के कारोबार से दूर रहें तथा अपने आसपास इस प्रकार की किसी गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचित करें। सामूहिक सहयोग और प्रशासन की निरंतर कार्रवाई से ही नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है।

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