बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आई एक प्रेम कहानी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा और विवाद का विषय बनी हुई है। 60 वर्षीय स्कूल प्रिंसिपल राकेश साह और 28 वर्षीय शिक्षिका शाइस्ता परवीन के रिश्ते ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब शादी के सिर्फ तीन दिन बाद शाइस्ता ने एक बेटी को जन्म दे दिया। जहां युवती का परिवार इसे अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला बता रहा है, वहीं शाइस्ता खुद इस विवाह को अपनी मर्जी का निर्णय बता रही हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है और प्रिंसिपल की तलाश जारी है।

जानकारी के मुताबिक, राकेश साह मुजफ्फरपुर के एक निजी स्कूल के संचालक और प्रिंसिपल हैं। शाइस्ता परवीन उसी स्कूल में बतौर शिक्षिका काम करती थीं। दोनों के बीच करीब एक साल पहले बातचीत शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। बताया जा रहा है कि 2025 के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गया था।
उम्र में लगभग 32 साल का बड़ा अंतर और अलग-अलग धर्म होने की वजह से दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक करने के बजाय चुपचाप शादी करने का फैसला किया। 18 फरवरी को दोनों नेपाल के जनकपुर पहुंचे, जहां हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया गया। शादी के फोटो और वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो गांव और परिवार में हड़कंप मच गया।
इसी बीच 21 फरवरी को शाइस्ता ने सीतामढ़ी के एक निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। शादी के महज तीन दिन बाद बच्चे के जन्म की खबर सामने आते ही मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। फिलहाल शाइस्ता अस्पताल में भर्ती हैं और पुलिस निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने मां और बच्ची दोनों को स्वस्थ बताया है।
दूसरी ओर, शाइस्ता के भाई ने औराई थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राकेश साह ने शाइस्ता को बहला-फुसलाकर घर से ले गया और उसका अपहरण किया। भाई का यह भी आरोप है कि प्रिंसिपल ने जबरन धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराई। शिकायत में राकेश साह के साथ उनकी पत्नी और बेटी को भी नामजद किया गया है।
परिवार के अनुसार, 18 फरवरी को शाइस्ता रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन फिर वापस नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद परिवार को सोशल मीडिया के जरिए शादी की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज कराया। परिवार इस रिश्ते को दबाव में लिया गया फैसला बता रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
मामला बढ़ता देख शाइस्ता परवीन ने अस्पताल से एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने राकेश साह से अपनी मर्जी से शादी की है और उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी ने उन पर कोई दबाव नहीं बनाया। शाइस्ता ने अपील की कि राकेश साह को बेवजह परेशान न किया जाए।
पुलिस के मुताबिक, शाइस्ता को बरामद कर लिया गया है और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। औराई थाना प्रभारी ने बताया कि शाइस्ता के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उनका बयान कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा। उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
उधर, प्रिंसिपल राकेश साह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू—अपहरण, सहमति, धर्म परिवर्तन और विवाह की वैधता—की गहराई से जांच की जा रही है।
यह मामला सामने आने के बाद समाज में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे दो बालिगों का निजी फैसला मान रहे हैं, तो कुछ इसे संदिग्ध परिस्थितियों वाला मामला बता रहे हैं। खासकर शादी के तीन दिन बाद बच्ची के जन्म ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सबकी नजर शाइस्ता के न्यायिक बयान और राकेश साह की गिरफ्तारी पर टिकी है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा ही तय करेगी कि यह मामला सहमति से हुई शादी का है या फिर इसमें कोई आपराधिक पहलू भी शामिल है। तब तक मुजफ्फरपुर की यह प्रेम कहानी रहस्य और विवाद दोनों के केंद्र में बनी हुई है।
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