पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 इलाके में रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एलपीजी गैस के रिसाव ने एक मासूम बच्ची की जान ले ली। कमरे में खेल रही दो छोटी बहनें अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। उसी कमरे में सो रही उनकी मां की जब आंख खुली तो दोनों बच्चियां अचेत हालत में पड़ी थीं। मां ने तुरंत मदद के लिए शोर मचाया और पड़ोसियों की सहायता से दोनों को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन रास्ते में ही ढाई साल की बच्ची ने दम तोड़ दिया, जबकि सात साल की बच्ची की जान बच गई।

पुलिस के अनुसार मृत बच्ची की पहचान ढाई साल की सना खातून के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिवार के साथ फ्लैट में रहता था मजदूर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मोहम्मद राहिद अपने परिवार के साथ मयूर विहार फेज-3 स्थित आशीर्वाद अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-162 में रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी परवीन खातून और दो बेटियां सात साल की राफिया खातून और ढाई साल की सना खातून थीं।
राहिद पेशे से दर्जी हैं और राजबीर कॉलोनी में अपनी दुकान पर सिलाई का काम करते हैं। रोज की तरह रविवार की सुबह भी वह काम पर चले गए थे, जबकि उनकी पत्नी घर पर ही थीं।
कमरे में खेल रही थीं दोनों बच्चियां
दोपहर के समय घर के अंदर सामान्य माहौल था। परवीन खातून कमरे में सो रही थीं, जबकि दोनों बेटियां वहीं पास में खेल रही थीं। कुछ समय बाद अचानक कमरे में गैस का रिसाव होने लगा, लेकिन किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
कमरे में गैस भरने लगी और धीरे-धीरे उसका असर दोनों बच्चियों पर होने लगा। कुछ ही देर में दोनों बहनें बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं।
मां को हुआ दम घुटने का अहसास
कुछ समय बाद परवीन खातून को सोते समय अचानक घुटन महसूस हुई। उन्हें लगा कि कमरे में सांस लेने में परेशानी हो रही है। जब उनकी आंख खुली तो उन्होंने देखा कि दोनों बेटियां फर्श पर अचेत पड़ी हुई हैं।
यह दृश्य देखकर परवीन घबरा गईं। उन्होंने तुरंत दोनों बच्चियों को उठाया और कमरे से बाहर निकलने की कोशिश की। उसी समय उन्हें कमरे में गैस की तेज बदबू महसूस हुई।
पड़ोसियों की मदद से अस्पताल पहुंचीं बच्चियां
घबराई हुई मां ने जोर-जोर से मदद के लिए आवाज लगाई। शोर सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे। जब उन्हें स्थिति का पता चला तो उन्होंने बिना समय गंवाए दोनों बच्चियों को अस्पताल ले जाने का फैसला किया।
पड़ोसी दोनों बच्चियों को लेकर तुरंत नोएडा स्थित मेट्रो अस्पताल की ओर रवाना हो गए। इस बीच किसी ने बच्चियों के पिता मोहम्मद राहिद को भी घटना की सूचना दे दी।
रास्ते में ही हो गई सना की मौत
अस्पताल पहुंचने से पहले ही ढाई साल की सना की हालत बहुत गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं सात साल की राफिया को तुरंत उपचार दिया गया।
कुछ समय बाद राफिया को होश आ गया और डॉक्टरों ने उसकी स्थिति स्थिर बताई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पुलिस को दी गई सूचना
घटना की जानकारी अस्पताल से ही पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गाजीपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली।
पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया। इसके बाद पुलिस की एक टीम घटना स्थल पर जांच के लिए पहुंची।
जांच में सामने आया गैस रिसाव
घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने कमरे की जांच की। इस दौरान पाया गया कि घर में रखा एलपीजी सिलिंडर लीक कर रहा था।
जांच में सामने आया कि सिलिंडर से जुड़ी पाइप के पास से गैस का रिसाव हो रहा था। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन भी नहीं था, जिससे गैस कमरे में ही भरती चली गई।
कमरे के बंद होने के कारण गैस का असर तेजी से फैल गया और दोनों बच्चियां उसकी चपेट में आ गईं।
क्राइम टीम और एफएसएल ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में दम घुटने की वजह से बच्ची की मौत होने की संभावना है। हालांकि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना के बाद सना के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में हर तरफ मातम का माहौल है। परिजन और रिश्तेदार इस हादसे से गहरे सदमे में हैं।
मासूम सना की मौत से उसकी मां परवीन खातून का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसी और रिश्तेदार उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं।
गैस सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू गैस सिलिंडर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
अगर सिलिंडर की पाइप पुरानी हो जाए या उसमें किसी तरह का रिसाव हो तो तुरंत उसे बदलना चाहिए। साथ ही रसोई या कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन होना भी जरूरी है ताकि गैस जमा न हो सके।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामला गैस रिसाव से जुड़े हादसे का लग रहा है। फिर भी सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल गाजीपुर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
यह दर्दनाक हादसा लोगों को सावधान रहने का संदेश भी दे रहा है कि घर में गैस सिलिंडर के इस्तेमाल के दौरान जरा सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
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