सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। अगलगी की घटनाओं पर नियंत्रण एवं आमजनों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक व्यापक अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार ने समाहरणालय परिसर से अग्नि सुरक्षा प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 17 मार्च से 26 मार्च 2026 तक जिले के सभी अंचलों में संचालित किया जाएगा, जिसमें लोगों को आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।


इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में अगलगी की घटनाएं अधिक होती हैं, जिससे जान-माल की क्षति की आशंका बनी रहती है। ऐसे में इन घटनाओं की रोकथाम के लिए लोगों को पहले से ही सजग और प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजनों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि आपात स्थिति में वे सही निर्णय ले सकें।
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जिलाधिकारी ने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आपदा प्रबंधन विभाग एवं अग्निशमन विभाग के संयुक्त प्रयास से इस अभियान को जिले भर में प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है। इस दौरान दो एलईडी वैन के माध्यम से जिले के सभी 18 अंचलों में जाकर अग्नि सुरक्षा से संबंधित जागरूकता वीडियो का प्रसारण किया जाएगा। इन वीडियो के माध्यम से लोगों को घरेलू आग, खेतों में लगने वाली आग, बिजली शॉर्ट सर्किट से उत्पन्न खतरे और अन्य संभावित अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि केवल सैद्धांतिक जानकारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आमजनों को यह सिखाया जाएगा कि आग लगने की स्थिति में किस प्रकार तत्काल प्रतिक्रिया देनी चाहिए, कैसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए और प्राथमिक स्तर पर आग पर नियंत्रण कैसे पाया जा सकता है।
अभियान की विशेषता यह है कि प्रत्येक जागरूकता रथ पर एक-एक “आपदा मित्र” की प्रतिनियुक्ति की गई है। ये आपदा मित्र प्रशिक्षित स्वयंसेवक होते हैं, जो आपदा की स्थिति में लोगों की सहायता करने के लिए तैयार रहते हैं। ये रथ के साथ गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर लोगों के बीच अग्नि सुरक्षा से संबंधित सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री का वितरण करेंगे। इसके साथ ही लोगों को सीधे संवाद के माध्यम से जागरूक भी करेंगे।
इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्रचार रथ के साथ अग्निशमन विभाग की एक टीम भी तैनात की गई है। यह टीम विभिन्न अंचलों में जाकर मॉक ड्रिल आयोजित करेगी और लोगों को आग बुझाने के आधुनिक एवं पारंपरिक तरीकों की जानकारी देगी। टीम द्वारा यह भी बताया जाएगा कि गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए, बिजली के उपकरणों से आग लगने पर किस प्रकार सावधानी बरतनी चाहिए तथा किस प्रकार छोटे-छोटे उपायों से बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।
समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अग्निशमन विभाग द्वारा एक विशेष मॉक ड्रिल का प्रदर्शन भी किया गया। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से उपस्थित लोगों को यह दिखाया गया कि आग लगने की स्थिति में किस प्रकार तेजी और समझदारी से काम लेना चाहिए। अग्निशमन कर्मियों ने आग बुझाने वाले यंत्रों का उपयोग, पानी एवं रेत के माध्यम से आग पर नियंत्रण, तथा सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) के तरीके का लाइव प्रदर्शन किया।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि अधिकांश अगलगी की घटनाएं लापरवाही के कारण होती हैं, जैसे कि खुले में आग जलाना, बिजली के खराब तारों का उपयोग करना, गैस सिलेंडर का गलत तरीके से इस्तेमाल करना आदि। यदि लोग थोड़ी सी सावधानी बरतें, तो बड़ी दुर्घटनाओं को आसानी से रोका जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से जागरूकता की आवश्यकता है, जहां अक्सर फूस के घर और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल जाती है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को आग से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देना अत्यंत जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह अभियान गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर ने कहा कि जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन के प्रति पूरी तरह सजग है और हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले में आपदा से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों को सुदृढ़ किया गया है तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।

उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद ने कहा कि जनजागरूकता किसी भी आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंच सके।
सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रणव राज ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के दौरान स्कूलों, पंचायतों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य पदाधिकारियों में वृषभानु चंद्रा सहित कई अधिकारी एवं कर्मी शामिल थे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान निश्चित रूप से जिले में अग्नि दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।
समापन के अवसर पर जिलाधिकारी ने पुनः यह संदेश दिया कि “सावधानी ही सुरक्षा है” और यदि हम सभी मिलकर सतर्कता बरतें, तो आग जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
इस प्रकार दरभंगा जिले में शुरू किया गया यह अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान न केवल लोगों को जागरूक करेगा, बल्कि उन्हें आपदा के समय सही कदम उठाने के लिए भी सक्षम बनाएगा। जिला प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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