श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण को लेकर डीएम एसएसपी ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। आगामी 4 सितंबर 2026 को मनाए जाने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर दरभंगा जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में जन्माष्टमी पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से दरभंगा जिलाधिकारी कौशल कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने बुधवार को संयुक्त रूप से शुभंकरपुर स्थित इस्कॉन मंदिर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों का जायजा लेते हुए जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर संभावित श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए की जा रही प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों से भी बातचीत कर पर्व के आयोजन से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के क्रम में मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, साफ-सफाई, अग्नि सुरक्षा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जन्माष्टमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से श्रद्धालुओं के आवागमन एवं रूट व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों, संभावित भीड़ वाले स्थानों तथा वाहनों के परिचालन को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रवेश और निकास की व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा जाए। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से साफ-सफाई कराने, पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाने तथा स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को पर्व के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा विद्युत तारों एवं अन्य उपकरणों की सुरक्षा जांच समय रहते पूरा करने का निर्देश दिया। आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक तैयारियां भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जन्माष्टमी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर करने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय एवं संपर्क व्यवस्था मजबूत रखी जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी ने दिए निर्देश
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से संभावित भीड़, संवेदनशील स्थानों, यातायात व्यवस्था एवं पुलिस बल की तैनाती को लेकर जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी पर्व के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। मंदिर परिसर एवं आसपास के प्रमुख स्थानों पर पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
एसएसपी ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था का भी जायजा लिया तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी के माध्यम से मंदिर परिसर एवं आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा असामान्य स्थिति पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास के दौरान भीड़ का दबाव नहीं बनने दिया जाए। आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग एवं पुलिस बल की तैनाती की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
एसएसपी ने यातायात व्यवस्था को लेकर भी संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास अनावश्यक रूप से वाहनों की पार्किंग न होने दी जाए और पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आवश्यक स्थानों पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाए।
पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के निजी वाहनों एवं अन्य वाहनों से पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए निर्धारित पार्किंग स्थलों को चिह्नित कर वहां वाहनों को व्यवस्थित तरीके से पार्क कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की ओर से यह भी निर्देश दिया गया कि मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्गों पर अनावश्यक रूप से वाहनों का दबाव नहीं बनने दिया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे।
मंदिर प्रबंधन समिति से ली गई जानकारी
जिलाधिकारी एवं एसएसपी ने इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों से जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एवं संभावित श्रद्धालुओं की संख्या के संबंध में जानकारी ली। मंदिर प्रबंधन की ओर से पर्व को लेकर की जा रही तैयारियों से अधिकारियों को अवगत कराया गया।

अधिकारियों ने मंदिर प्रबंधन को भी जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। किसी भी प्रकार की समस्या अथवा आवश्यकता की स्थिति में संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल सूचित करने का निर्देश दिया गया।
आपात स्थिति से निपटने की तैयारी
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान सामान्य व्यवस्था के साथ-साथ आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी भी आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संसाधन एवं मानव बल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने आगजनी की स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन व्यवस्था, प्राथमिक उपचार की सुविधा तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई।

शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि दरभंगा की पहचान सामाजिक एवं सांस्कृतिक सौहार्द के लिए रही है। सभी लोग आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ पर्व मनाएं। उन्होंने आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जन्माष्टमी पर्व को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मंदिर पहुंचें और सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मना सकें।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अपने-अपने दायित्वों का समय पर निर्वहन करें।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मंदिर परिसर में प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें। भीड़ के दौरान धैर्य बनाए रखें और पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मियों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें। वाहन चालकों से निर्धारित स्थान पर ही वाहन पार्क करने तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि जन्माष्टमी पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा आपत्तिजनक गतिविधि से बचें। किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार गौरव सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य एवं अन्य संबंधित प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा जन्माष्टमी पर्व को लेकर की जा रही तैयारियों से स्पष्ट है कि 4 सितंबर को आयोजित होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो तथा जिले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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