सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत दरभंगा जिले में जब्त एवं राज्यसात किए गए वाहनों के नियमानुसार निष्पादन की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसी क्रम में 24 सितंबर 2026 को जिला वाहन नीलामी समिति द्वारा जब्त एवं राज्यसात किए गए कुल 30 वाहनों की सार्वजनिक नीलामी कराई गई। निर्धारित नियमों एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आयोजित इस नीलामी में 11 सामान्य वाहन तथा 19 कबाड़ वाहनों को शामिल किया गया।

- मद्यनिषेध अधिनियम के तहत जब्त एवं राज्यसात 30 वाहनों की सार्वजनिक नीलामी
- 11 सामान्य एवं 19 कबाड़ वाहनों की हुई नीलामी, करीब 29.18 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होने की संभावना
मद्यनिषेध दरभंगा के सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि मद्यनिषेध विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 तथा यथा संशोधित 2018 एवं 2022 के प्रावधानों के तहत विभिन्न मामलों में वाहनों को जब्त किया गया था। संबंधित मामलों में समाहर्ता न्यायालय, दरभंगा द्वारा नियमानुसार वाहनों को राज्यसात किए जाने के बाद उनके निष्पादन के लिए जिला वाहन नीलामी समिति के माध्यम से सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया अपनाई गई।

30 वाहनों को नीलामी में किया गया शामिल
दरभंगा मद्यनिषेध के सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि 24 सितंबर को आयोजित सार्वजनिक वाहन नीलामी में कुल 30 वाहनों की नीलामी की गई। इनमें 11 सामान्य वाहन तथा 19 कबाड़ वाहन शामिल रहे। नीलामी की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप जिला वाहन नीलामी समिति की देखरेख में संपन्न कराई गई।
नीलामी के लिए रखे गए सामान्य वाहनों में विभिन्न श्रेणियों के वाहन शामिल थे। इनमें 02 ट्रक, 05 चार पहिया वाहन, 03 मोटरसाइकिल तथा 01 ठेला शामिल है। इसी प्रकार कबाड़ श्रेणी में शामिल 19 वाहनों में 08 चार पहिया वाहन और 10 मोटरसाइकिल शामिल किए गए।
इस प्रकार नीलामी में शामिल वाहनों में वाणिज्यिक वाहनों से लेकर चार पहिया वाहन, दोपहिया वाहन और ठेला तक विभिन्न प्रकार के वाहन शामिल रहे। संबंधित वाहनों का निष्पादन नियमानुसार सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से किया गया।

पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुई नीलामी
जिला प्रशासन एवं मद्यनिषेध विभाग द्वारा जब्त एवं राज्यसात वाहनों के निष्पादन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक नीलामी कराई जाती है। इसका उद्देश्य जब्त वाहनों का नियमानुसार निपटारा सुनिश्चित करना तथा उनसे प्राप्त होने वाली राशि को सरकारी राजस्व के रूप में जमा कराना है।

सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का पालन किया जाता है। नीलामी में शामिल वाहनों को उनकी स्थिति एवं श्रेणी के अनुसार रखा जाता है तथा निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उनका निष्पादन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने पर विशेष जोर दिया जाता है। इसके तहत जिला वाहन नीलामी समिति की देखरेख में नीलामी संपन्न कराई जाती है, ताकि जब्त एवं राज्यसात वाहनों के निष्पादन में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

करीब 29.18 लाख रुपये राजस्व मिलने की संभावना
सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार ने बताया कि 24 सितंबर को आयोजित सार्वजनिक नीलामी में शामिल 30 वाहनों से करीब 29 लाख 18 हजार रुपये राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। नीलामी प्रक्रिया से प्राप्त राशि को नियमानुसार सरकारी राजस्व में जमा कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जब्त एवं राज्यसात वाहनों की सार्वजनिक नीलामी से एक ओर जहां लंबे समय से जब्त वाहनों के नियमानुसार निष्पादन की प्रक्रिया पूरी होती है, वहीं दूसरी ओर सरकार को राजस्व की प्राप्ति भी होती है। इससे सरकारी संपत्ति एवं जब्त वाहनों के प्रबंधन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है।
जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग द्वारा समय-समय पर जब्त एवं राज्यसात वाहनों की स्थिति की समीक्षा कर उनके नियमानुसार निष्पादन की कार्रवाई की जाती है। पात्र वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक नीलामी में शामिल किया जाता है।
मद्यनिषेध कानून के प्रभावी अनुपालन पर जोर
बिहार में मद्यनिषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन एवं मद्यनिषेध विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन एवं भंडारण से जुड़े मामलों में विभाग एवं पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती है। कार्रवाई के दौरान नियमों के तहत वाहनों को जब्त किए जाने की स्थिति में संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
मद्यनिषेध विभाग के अनुसार, शराब के अवैध कारोबार में प्रयुक्त वाहनों के विरुद्ध भी कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। जब्त वाहनों के संबंध में न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें नियमानुसार राज्यसात किया जाता है। इसके उपरांत निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ऐसे वाहनों का निष्पादन किया जाता है।
सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि मद्यनिषेध कानून के प्रभावी अनुपालन के लिए विभाग द्वारा जिले में लगातार निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन एवं सेवन से संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
जब्त वाहनों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी
मद्यनिषेध विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न मामलों में जब्त किए गए वाहनों को लंबे समय तक अनुपयोगी स्थिति में रखने के बजाय नियमानुसार उनके निष्पादन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इससे जब्त वाहनों के सुरक्षित रखरखाव से संबंधित समस्याओं को कम करने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप उनका निपटारा सुनिश्चित किया जाता है।
जिन वाहनों के संबंध में समाहर्ता न्यायालय द्वारा राज्यसात किए जाने की कार्रवाई पूरी हो जाती है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नीलामी के लिए प्रस्तुत किया जाता है। इसके बाद जिला वाहन नीलामी समिति द्वारा संबंधित वाहनों की श्रेणी एवं स्थिति के अनुसार नीलामी की कार्रवाई की जाती है।
24 सितंबर को आयोजित नीलामी भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा रही। इसमें सामान्य एवं कबाड़ श्रेणी के कुल 30 वाहनों को शामिल किया गया। इनमें 11 सामान्य और 19 कबाड़ वाहन रहे।
सामान्य वाहनों में ट्रक, चार पहिया वाहन और मोटरसाइकिल शामिल
नीलामी किए गए 11 सामान्य वाहनों में 02 ट्रक, 05 चार पहिया वाहन, 03 मोटरसाइकिल तथा 01 ठेला शामिल रहा। सामान्य श्रेणी के वाहनों की नीलामी निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई।
वहीं, 19 कबाड़ वाहनों में 08 चार पहिया वाहन और 10 मोटरसाइकिल शामिल रहे। कबाड़ श्रेणी के वाहनों का भी नियमानुसार मूल्यांकन एवं नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से निष्पादन किया गया।
विभिन्न श्रेणियों के वाहनों को नीलामी में शामिल करने से उनके वर्तमान स्वरूप एवं स्थिति के अनुसार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा होती है। नीलामी से प्राप्त राशि को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सरकारी खाते में जमा कराया जाएगा।
सरकारी राजस्व में होगी वृद्धि
इस नीलामी से अनुमानित 29.18 लाख रुपये की राशि प्राप्त होने की संभावना है। नीलामी से प्राप्त राजस्व सरकार के खाते में जमा कराया जाएगा। इससे एक ओर जब्त एवं राज्यसात वाहनों के निष्पादन की प्रक्रिया पूरी होगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त वाहनों के नियमानुसार निष्पादन की प्रक्रिया प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे विभिन्न मामलों में जब्त वाहनों के संबंध में लंबित निष्पादन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जारी
मद्यनिषेध विभाग द्वारा जिले में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग एवं पुलिस द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी, जांच एवं कार्रवाई के साथ-साथ अवैध शराब के परिवहन में प्रयुक्त वाहनों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार ने कहा कि मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ जब्त एवं राज्यसात वाहनों के नियमानुसार निष्पादन की प्रक्रिया भी जारी रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से जब्त एवं राज्यसात वाहनों का पारदर्शी और नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। 24 सितंबर को आयोजित नीलामी में 30 वाहनों का निष्पादन किया गया, जिससे करीब 29.18 लाख रुपये सरकारी राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मद्यनिषेध कानून के प्रभावी अनुपालन के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्रवाई जारी रखी जाएगी। अवैध शराब से संबंधित गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ-साथ कानून के प्रावधानों के तहत जब्ती, राज्यसाती एवं नीलामी की प्रक्रिया भी नियमानुसार संचालित की जाती रहेगी।

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