Breaking News
Home / उ० प्र० / बिना बैरिकेडिंग खोदा गड्ढा बना हादसे की वजह, युवक गिरकर गंभीर घायल

बिना बैरिकेडिंग खोदा गड्ढा बना हादसे की वजह, युवक गिरकर गंभीर घायल

आगरा के यमुनापार स्थित इस्लाम नगर इलाके में लापरवाही का एक और गंभीर मामला सामने आया है। फाइबर केबल बिछाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरकर एक युवक बुरी तरह घायल हो गया। हादसे में युवक का पैर टूट गया, जबकि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया है।

मिली जानकारी के अनुसार, इस्लाम नगर निवासी राजुद्दीन क्षेत्र में दाल बेचने का काम करते हैं। शुक्रवार शाम को वह अपने घर से जलापूर्ति बाधित होने की शिकायत दर्ज कराने निकले थे। इलाके में पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई प्रभावित थी, जिससे स्थानीय लोग परेशान थे। शिकायत करने के उद्देश्य से वह घर से करीब 100 मीटर ही आगे बढ़े थे कि अंधेरे में अचानक उनका पैर फाइबर केबल के लिए खोदे गए गड्ढे में फंस गया और वह संतुलन खोकर लगभग चार फीट गहरे गड्ढे में सिर के बल जा गिरे।

बताया गया है कि गड्ढा एयरटेल कंपनी के ठेकेदार द्वारा फाइबर केबल डालने के लिए खोदा गया था। लेकिन खुदाई के बाद वहां न तो किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई थी और न ही पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था थी। आसपास चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा भी नहीं लगाया गया था, जिससे राहगीरों को खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय अंधेरा होने के कारण गड्ढा साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

गिरते ही राजुद्दीन ने जोर से चीख लगाई। उनकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय निवासियों ने बिना देर किए उन्हें गड्ढे से बाहर निकाला और पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने पाया कि उनके एक पैर की हड्डी टूट गई है। तत्काल कच्चा प्लास्टर बांधकर उन्हें घर भेज दिया गया।

हालांकि, घर पहुंचने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। सिर में लगी चोट के कारण वह बार-बार बेहोश होने लगे। परिजन घबराकर उन्हें दोबारा एक अन्य निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर बताया। चिकित्सकों के अनुसार, सिर की चोट के चलते अंदरूनी समस्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल उनका इलाज जारी है और परिवार चिंतित है।

राजुद्दीन के बेटे जावेद ने बताया कि अगर खुदाई स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम होते, तो यह हादसा टल सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण उनके पिता की जान जोखिम में पड़ गई है। परिवार ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

घटना के बाद स्थानीय पार्षद सज्जन अली ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही उन्होंने संबंधित कंपनी के ठेकेदार को बैरिकेडिंग और खुदाई स्थल के आसपास सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद ठेकेदार ने कोई कार्रवाई नहीं की। पार्षद ने कहा कि उन्होंने नगर आयुक्त और महापौर से इस मामले में सख्त कदम उठाने और जिम्मेदार ठेकेदार व कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

यह पहला मामला नहीं है जब खुले गड्ढों के कारण हादसा हुआ हो। आगरा में पहले भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 7 जनवरी 2025 को शंकरगढ़ पुलिया पर नाले की सफाई के दौरान बने गड्ढे में गिरकर 45 वर्षीय राजेश कुमार की मौत हो गई थी। 6 जून 2022 को तोता का ताल क्षेत्र में जलकल विभाग द्वारा खोदे गए 10 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से 6 वर्षीय जीशान की जान चली गई थी। वहीं 4 दिसंबर 2024 को दरेसी इलाके में सड़क धंसने से स्कूटर सवार 10 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा था, हालांकि वह बाल-बाल बच गया।

इसके बावजूद शहर में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही खुदाई के बाद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, आगरा विकास प्राधिकरण और निजी कंपनियां सड़कों पर खुदाई कर गड्ढे छोड़ देती हैं, लेकिन उन्हें समय पर भरने या सुरक्षित करने की जिम्मेदारी नहीं निभातीं। इससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नोएडा और दिल्ली जैसे शहरों में खुले गड्ढों के कारण कई जानें जा चुकी हैं, लेकिन उससे भी सबक नहीं लिया जा रहा। आगरा में भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं। यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

इस मामले में नगर निगम के कार्यवाहक मुख्य अभियंता निर्माण अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें युवक के घायल होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि बिना सुरक्षा मानकों के खुदाई किए जाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद कंपनी को बैरिकेडिंग और ग्रीन नेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी।

फिलहाल राजुद्दीन अस्पताल में उपचाराधीन हैं और परिवार उनकी सलामती की दुआ कर रहा है। यह घटना एक बार फिर शहर में विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े करती है। प्रशासनिक सख्ती और जिम्मेदारी तय किए बिना ऐसे हादसों पर रोक लगाना मुश्किल नजर आता

Check Also

नौकरी दिलाने का लालच देकर युवती से दरिंदगी, वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल; रिश्तेदारों को भेजी अश्लील क्लिप

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने …

यूपी में गैस सिलिंडर की कालाबाजारी पर सख्ती, 4,800 से ज्यादा छापेमारी; 70 पर FIR और 10 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में गैस सिलिंडर की कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा …

पति से नाराज होकर घर से निकली महिला के साथ दरिंदगी, रास्ता दिखाने के बहाने ले गए खेतों में; यमुना में कूदकर जान देने की कोशिश

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक घटना सामने आई है। …