देशभर में फिलहाल मौसम स्थिर और शुष्क बना हुआ है, लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले दो दिन तक मौसम सामान्य रहेगा, इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते ही खासकर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम करवट ले सकता है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कई इलाकों में घना कोहरा छाने का अनुमान है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर भारत समेत देश के अधिकतर हिस्सों में अभी शुष्क मौसम बना रहेगा। आसमान साफ रहने और ठंडी हवाओं के कारण सुबह-शाम ठंड महसूस की जा रही है, लेकिन कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है। हालांकि आठ फरवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जिसके असर से मौसम में बदलाव शुरू होगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में बना हुआ है। इसके प्रभाव से ऊपरी वायुमंडल में हलचल बढ़ी है और बादलों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। जैसे ही नया सिस्टम सक्रिय होगा, पहाड़ी इलाकों में बादल घिरने लगेंगे और वर्षा तथा हिमपात की परिस्थितियां बनेंगी।
इन राज्यों में बारिश और बर्फबारी के आसार
आईएमडी ने अनुमान जताया है कि 9 से 11 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना अधिक है। खासकर गुलमर्ग, पहलगाम, मनाली, लाहौल-स्पीति, केदारनाथ, बदरीनाथ और औली जैसे क्षेत्रों में हिमपात की स्थिति बन सकती है।
बारिश और बर्फबारी से पहाड़ों में तापमान और गिर सकता है। जिन इलाकों में पहले से बर्फ जमी है, वहां नई बर्फबारी से फिसलन और बढ़ेगी। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर सड़कें साफ करने और राहत कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।
कोहरे की मार, दृश्यता होगी कम
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में 8 फरवरी तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की आशंका जताई है। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में यातायात पर असर पड़ेगा। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों और पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है।
घने कोहरे की वजह से कई स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे फॉग लाइट का इस्तेमाल करें, गति नियंत्रित रखें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यात्रियों को भी अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
हवाई और रेल सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित
मौसम में बदलाव का असर हवाई और रेल यातायात पर भी पड़ सकता है। घने कोहरे और खराब दृश्यता के कारण उड़ानों में देरी या रद्द होने की स्थिति बन सकती है। विशेषकर श्रीनगर, जम्मू, देहरादून, चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे हवाई अड्डों पर संचालन प्रभावित होने की आशंका है।
रेल सेवाओं पर भी असर संभव है। कोहरे के चलते ट्रेनों की गति धीमी हो सकती है और कई गाड़ियां देरी से चल सकती हैं। पिछले वर्षों में भी सर्दियों के दौरान कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता रहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन और फ्लाइट की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।
सड़क मार्ग पर बढ़ेगी सावधानी की जरूरत
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के दौरान भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाएं भी सामने आती हैं। खासकर संकरी और ऊंचाई वाली सड़कों पर जोखिम ज्यादा रहता है। प्रशासन ने बर्फबारी की स्थिति में आवश्यक मशीनरी और टीमों को तैयार रखने की बात कही है।
मैदानी क्षेत्रों में भी कोहरे के कारण सुबह के समय यातायात प्रभावित हो सकता है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी हल्के कोहरे की संभावना जताई गई है।
तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। आने वाले दिनों में तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मध्य भारत में पारा लगभग स्थिर रहेगा, जबकि पूर्वी भारत में अगले 24 घंटों में हल्की गिरावट संभव है।
दक्षिण भारत के कोमोरिन क्षेत्र में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, लेकिन फिलहाल इससे किसी बड़े मौसम परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। वहां मौसम सामान्य बना रहेगा।
प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने संबंधित राज्यों के प्रशासन को पहले से तैयार रहने की सलाह दी है। बिजली आपूर्ति, सड़क साफ-सफाई और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखने को कहा गया है। बर्फबारी और तेज हवाओं के दौरान बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी रहता है।
लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर रखें। पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने और मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, अगले दो दिन तक मौसम भले ही शांत रहेगा, लेकिन उसके बाद पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बारिश, बर्फबारी और कोहरे की संभावना को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहना होगा।
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