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बच्चों ने राष्ट्रपति में देखा मां का स्वरूप, पहाड़पुर विद्यालय में भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी

पहाड़पुर विद्यालय में बच्चों संग बिताए अविस्मरणीय पल, राष्ट्रपति के स्नेह से अभिभूत हुए प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली/पहाड़पुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के साथ पहाड़पुर स्थित विद्यालय के दौरे को अपने सार्वजनिक जीवन के सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभवों में से एक बताते हुए कहा कि वहां विद्यार्थियों के बीच बिताया गया समय उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी, आत्मविश्वास और उत्साह इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्नेहपूर्ण वातावरण किसी भी बच्चे के जीवन को नई दिशा दे सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति के साथ पहाड़पुर जाने और उनके द्वारा स्थापित विद्यालय का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया, विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके साथ कई प्रेरणादायक एवं आत्मीय क्षण बिताए। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ संवाद के दौरान उनकी जिज्ञासा, सीखने की ललक और भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यालय में उपस्थित बच्चों और राष्ट्रपति के बीच जिस प्रकार का आत्मीय संबंध देखने को मिला, वह बेहद भावुक करने वाला था। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के चेहरे पर राष्ट्रपति के प्रति जो सम्मान, स्नेह और विश्वास दिखाई दे रहा था, वह केवल औपचारिक संबंध नहीं था, बल्कि एक गहरे पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक था। बच्चों के व्यवहार और उनकी भावनाओं को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वे राष्ट्रपति को देश की प्रथम नागरिक के रूप में नहीं, बल्कि अपनी मां के रूप में देख रहे हों।

उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल परीक्षा परिणाम नहीं होती, बल्कि वहां पढ़ने वाले बच्चों के व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है। पहाड़पुर का यह विद्यालय इसी सोच को साकार करता हुआ दिखाई देता है। यहां बच्चों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों, आत्मविश्वास, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता के विकास के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यालय के वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि यहां शिक्षा को सेवा और समाज निर्माण के मिशन के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से गरीब, वंचित और जनजातीय समुदायों से आने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास है। ऐसे बच्चे, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में बेहतर शैक्षणिक अवसर नहीं मिल पाते, उन्हें इस विद्यालय के माध्यम से नई संभावनाएं प्राप्त हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि देश के विकास का वास्तविक आधार तब मजबूत होता है जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अवसर पहुंचते हैं। शिक्षा इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। पहाड़पुर का यह विद्यालय इसी सोच का जीवंत उदाहरण है, जहां आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों को बच्चों की प्रगति में बाधा नहीं बनने दिया जा रहा है। यहां प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यालय में बच्चों को जो संरक्षण, मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल रही है, वह उनके जीवन को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि जब किसी बच्चे को अच्छा वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रोत्साहन मिलता है तो वह न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का भविष्य बदल सकता है। ऐसे संस्थान भविष्य के जिम्मेदार, संवेदनशील और सक्षम नागरिक तैयार करने का कार्य कर रहे हैं।

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके सपनों, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां कभी भी सफलता के मार्ग में स्थायी बाधा नहीं बनतीं। यदि संकल्प मजबूत हो और सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अनेक हिस्सों में ऐसे बच्चे हैं जिनमें अपार प्रतिभा मौजूद है, लेकिन संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण वे अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते। ऐसे में पहाड़पुर जैसे संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ये संस्थान उन बच्चों को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करते हैं, जो भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को जागरूक, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाती है। इसलिए प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना समाज और सरकार दोनों की साझा जिम्मेदारी है। पहाड़पुर विद्यालय इस दिशा में एक प्रेरणादायक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है, जिसे व्यापक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता के पीछे उसके शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहां कार्यरत शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं कर रहे, बल्कि बच्चों के जीवन को संवारने और उनके व्यक्तित्व को विकसित करने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभा रहे हैं। उनका समर्पण और सेवा भावना निश्चित रूप से प्रशंसनीय है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना भी है। यह पहल सामाजिक समरसता, समान अवसर और समावेशी विकास की भावना को मजबूत करती है। जब वंचित और जनजातीय समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर मिलते हैं, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रक्रिया तेज होती है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इस विद्यालय से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करेंगे और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यहां प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन उनके जीवन की मजबूत नींव साबित होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति द्वारा शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक हैं। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए अवसरों का निर्माण करना, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों से आते हैं, एक महत्वपूर्ण सामाजिक योगदान है। ऐसे प्रयास न केवल व्यक्तिगत जीवन को बदलते हैं, बल्कि पूरे समाज के विकास को नई दिशा प्रदान करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि पहाड़पुर विद्यालय का दौरा उनके लिए केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव था जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से स्पर्श किया। बच्चों की मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और राष्ट्रपति के प्रति उनका स्नेह लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में बना रहेगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए और पहाड़पुर जैसे संस्थान इस लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहलें देश के अन्य हिस्सों में भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और अधिक से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अवसर तथा उज्ज्वल भविष्य प्राप्त करने में मदद करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब समाज के सबसे वंचित वर्गों के बच्चे भी अपने सपनों को साकार करने लगते हैं, तभी वास्तविक अर्थों में राष्ट्र का समग्र और समावेशी विकास संभव होता है।

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