हरियाणा के अंबाला शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को पलभर में खत्म कर दिया। रविवार शाम नारायणगढ़ रोड पर हुए इस हादसे में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में 52 वर्षीय राम निवास की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा जसविंद्र सिंह बाल-बाल बच गया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, हंडेसरा गांव के रहने वाले जसविंद्र सिंह अंबाला सिटी में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। रविवार को वे अपने पिता राम निवास के साथ एक सामान्य काम से बाहर निकले थे। दोनों पंजोखरा साहिब बस अड्डे के पास स्थित एक नर्सरी से पौधे खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। शाम का समय था और दोनों पिता-पुत्र बाइक पर सवार होकर घर की ओर जा रहे थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह सफर इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।
जब वे नारायणगढ़ रोड पर मधु महल पैलेस के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। इस हादसे में पीछे बैठे राम निवास को गंभीर चोटें आईं, जबकि जसविंद्र को हल्की चोटें आईं और वह सुरक्षित बच गए।
हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। घायल राम निवास को तत्काल अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी रही। उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया था और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गहरी चोटें आई थीं।
डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमएम अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन वहां भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच अस्पताल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। दुर्भाग्यवश, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
इस हादसे ने जसविंद्र सिंह को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ओर वह खुद इस दुर्घटना से बच निकले, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया। यह घटना उनके जीवन में एक ऐसा दर्द छोड़ गई है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा।
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पंजोखरा थाना पुलिस ने जसविंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने इस हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि नारायणगढ़ रोड पर अक्सर वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर सख्त ट्रैफिक नियम लागू किए जाएं और स्पीड कंट्रोल के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सड़क पर लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और असावधानी कई बार जानलेवा साबित होती है। अगर वाहन चालक सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
राम निवास के परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन है। उनके निधन से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। परिजन इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए यह नुकसान अपूरणीय है। अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं और परिवारजन अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटे हैं।
यह हादसा न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है। सड़क पर चलते समय हर व्यक्ति को जिम्मेदारी और सतर्कता बरतनी चाहिए। एक छोटी सी गलती किसी के जीवन को हमेशा के लिए बदल सकती है।
प्रशासन और पुलिस के सामने अब चुनौती है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द आरोपी चालक को पकड़ें और कानून के तहत उचित कार्रवाई करें। साथ ही, शहर में सड़क सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
अंततः, यह घटना हमें यह सिखाती है कि जीवन अनमोल है और इसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। सड़क पर सावधानी और नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !