Mr & Miss Mithilanchal Season-03 युवा उद्यमी राजेश्वर राणा बने VVIP Guest of Honor, पाग-अंगवस्त्र से हुआ भव्य सम्मान
सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, युवा प्रतिभाओं के सम्मान और सामाजिक सहभागिता को समर्पित प्रतिष्ठित आयोजन “मिस्टर एंड मिस मिथिलांचल सीजन-03” का आयोजन इस वर्ष भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मिथिला की संस्कृति, कला, फैशन, व्यक्तित्व विकास और युवा ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर युवा उद्यमी एवं समाजसेवी राजेश्वर राणा को VVIP Guest of Honor के रूप में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। मंच पर आयोजकों ने उन्हें मिथिला की पारंपरिक पाग, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य मिथिलांचल के प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराना तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना था। आयोजन में बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, कलाकारों, व्यवसायियों, फैशन जगत से जुड़े लोगों एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा का विशेष वातावरण देखने को मिला।

मंच पर उपस्थित अतिथियों का मिथिला की परंपरा के अनुरूप पाग और अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ हुई, जिसमें मिथिला लोकगीत, लोकनृत्य, आधुनिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतिभागियों ने अपनी कला, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्णायक मंडल एवं उपस्थित दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।

इस अवसर पर राजेश्वर राणा ने सम्मान प्राप्त करने के बाद आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके सम्मान और जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिथिला की पहचान केवल उसकी ऐतिहासिक धरोहर या साहित्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की युवा शक्ति, कला, संस्कृति और सामाजिक चेतना भी पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पहले से अधिक है, क्योंकि इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। जब किसी युवा को सही मंच, उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण मिलता है तो वह समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम होता है। उन्होंने कहा कि “मिस्टर एंड मिस मिथिलांचल” जैसा मंच युवाओं में आत्मविश्वास विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का भी कार्य कर रहा है।
राजेश्वर राणा ने कहा कि आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि युवा अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं से जुड़े रहते हुए आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो मिथिला की पहचान और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य आयोजक अविनाश अरोड़ा, सह-आयोजक निशा एवं पूरी आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े कार्यक्रम की सफलता के पीछे पूरी टीम की मेहनत, समर्पण, अनुशासन और बेहतर प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आयोजन समिति ने जिस उत्कृष्ट तरीके से पूरे कार्यक्रम का संचालन किया, वह प्रशंसनीय है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में “मिस्टर एंड मिस मिथिलांचल” और अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर मिथिला की संस्कृति, कला और युवा प्रतिभाओं का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि यदि समाज, प्रशासन, उद्योग जगत और सांस्कृतिक संस्थाएं मिलकर ऐसे आयोजनों को सहयोग दें तो मिथिला देश के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगियों ने विभिन्न चरणों में अपने व्यक्तित्व, संवाद कौशल, मंच संचालन क्षमता, रचनात्मक सोच, फैशन प्रस्तुति तथा सामाजिक विषयों पर अपने विचारों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर निष्पक्ष रूप से किया। प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और प्रस्तुति ने दर्शकों को प्रभावित किया।
आयोजन में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ऐसे मंच अत्यंत आवश्यक हैं। प्रतियोगिताएं केवल विजेता चुनने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि युवाओं के भीतर नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का अवसर भी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि मिथिला जैसे सांस्कृतिक क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं।
समारोह में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था, अनुशासित संचालन, आकर्षक मंच सज्जा और प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की। कार्यक्रम के सफल संचालन में आयोजन समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, जिसकी सभी ने प्रशंसा की।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और दर्शकों ने भी आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। इससे प्रतिभागियों को अपनी क्षमता पहचानने और भविष्य में बड़े मंचों पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आयोजन नियमित रूप से आयोजित होते रहें तो मिथिलांचल के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण, सम्मान समारोह एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने आयोजन समिति को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी उत्साह और भव्यता के साथ आयोजन जारी रखने की कामना की। उन्होंने कहा कि “मिस्टर एंड मिस मिथिलांचल” अब केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक पहचान, युवा शक्ति और सामाजिक जागरूकता का सशक्त मंच बन चुका है।
समारोह ने यह संदेश दिया कि यदि युवाओं को उचित मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ना ही समाज और क्षेत्र के समग्र विकास का सबसे प्रभावी मार्ग है।

“मिस्टर एंड मिस मिथिलांचल सीजन-03” ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि मिथिला केवल अपनी ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं, सामाजिक जागरूकता, रचनात्मक सोच और नई पीढ़ी के आत्मविश्वास के लिए भी पूरे देश में एक विशिष्ट पहचान रखता है। आयोजन की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले वर्षों में यह मंच और अधिक व्यापक रूप में उभरेगा तथा मिथिला की सांस्कृतिक गरिमा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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