पटना। बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा किए जा रहे औचक निरीक्षणों का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करना और व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े विभागों में लापरवाही या अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है तथा जहां भी खामियां सामने आएंगी, वहां सुधारात्मक कदमों के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार लगातार राज्य के विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां या खामियां सामने आ रही हैं, उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग के मंत्री का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना भी है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अपने विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन कर रहे हैं और यह देख रहे हैं कि आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं किस स्तर पर पहुंच रही हैं। यदि कहीं व्यवस्था में कमी है, मरीजों को परेशानी हो रही है या सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच रहा है, तो उसे दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।

अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक
श्रवण कुमार ने कहा कि किसी भी सरकारी व्यवस्था की सफलता उसके अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर निर्भर करती है। यदि अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करते हैं तो योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचता है। लेकिन यदि कहीं लापरवाही या उदासीनता बरती जाती है तो इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों की कामयाबी और नाकामयाबी की समीक्षा करना मंत्री का महत्वपूर्ण दायित्व है। यही कारण है कि स्वास्थ्य मंत्री लगातार जमीनी स्तर पर जाकर व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान प्राप्त रिपोर्टों और वास्तविक स्थिति के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता
श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार सुधार के लिए कार्य कर रही है। अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाओं की व्यवस्था, जांच सुविधाओं का विस्तार तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम नागरिकों से जुड़ी होती हैं। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाता है। सरकार का उद्देश्य है कि मरीजों को अस्पतालों में समय पर इलाज मिले, आवश्यक दवाएं उपलब्ध हों और उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ सेवा की गुणवत्ता में भी सुधार लाने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
औचक निरीक्षण से सामने आती है वास्तविक स्थिति
श्रवण कुमार ने कहा कि औचक निरीक्षण किसी भी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने का सबसे प्रभावी माध्यम है। जब अधिकारी या मंत्री बिना पूर्व सूचना के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करते हैं, तब वहां की वास्तविक कार्यप्रणाली सामने आती है।
उन्होंने कहा कि कई बार कागजी रिपोर्टों और वास्तविक स्थिति में अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में औचक निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि मरीजों को मिल रही सुविधाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की सही जानकारी प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा किए जा रहे निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य व्यवस्था को बेहतर बनाना है। जहां भी कमियां पाई जा रही हैं, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जनसेवा से जुड़े कार्यों में कोई अधिकारी या कर्मचारी जानबूझकर लापरवाही करता है या जनता को अनावश्यक परेशान करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी स्तर पर कार्य में बाधा उत्पन्न की जाती है या लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केवल निर्देश देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके अनुपालन की निगरानी भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जा रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार प्रतिबद्ध
श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, अस्पतालों के उन्नयन और मानव संसाधन को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा किए जा रहे निरीक्षण और समीक्षा अभियान इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं। इन निरीक्षणों से न केवल कमियों की पहचान हो रही है, बल्कि उन्हें दूर करने के लिए ठोस कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
जनहित सर्वोपरि
अपने बयान के अंत में श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और सरकारी संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जनता की सेवा के लिए नियुक्त किए गए हैं। इसलिए उन्हें पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। यदि कहीं भी जनता को परेशानी होती है या सेवाओं में कमी पाई जाती है, तो सरकार उसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगी।
मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नियमित निरीक्षण, प्रभावी निगरानी और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके।

स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !