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दरभंगा में डीएम और एसएसपी की निजी कोचिंग संचालकों के साथ अहम बैठक, छात्रों से विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहकर पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील

दरभंगा में जिलाधिकारी और एसएसपी की निजी कोचिंग संचालकों के साथ अहम बैठक, छात्रों से विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहकर पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील

सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। जिले में शांति, कानून-व्यवस्था एवं शैक्षणिक माहौल को बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी कौशल कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने की। इसमें जिले के विभिन्न निजी कोचिंग संस्थानों के संचालक, अंबेडकर छात्रावास के अधीक्षक, छात्रावास के छात्र प्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, शैक्षणिक गतिविधियों को निर्बाध रूप से संचालित करना तथा छात्रों को किसी भी प्रकार की भ्रामक गतिविधियों और अफवाहों से दूर रखने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करना था।

कौशल कुमार जिलाधिकारी दरभंगा

छात्रों का भविष्य सर्वोपरि : जिलाधिकारी

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों का जीवन निर्माण और उनका भविष्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुछ असामाजिक तत्व विभिन्न माध्यमों से छात्रों को गुमराह करने तथा उन्हें विरोध-प्रदर्शनों एवं अन्य गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में निजी कोचिंग संस्थानों के संचालकों एवं छात्रावास प्रबंधन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

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उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों से आग्रह किया कि वे अपने संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने के लिए प्रेरित करें तथा उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक प्रचार या उकसावे में आने से बचने की सलाह दें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का प्रमुख उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना और अपने भविष्य को मजबूत बनाना होना चाहिए।

कोचिंग संचालकों की भूमिका अभिभावक जैसी

जिलाधिकारी ने कहा कि कोचिंग संस्थान केवल शिक्षा देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और अभिभावक की भूमिका भी निभाते हैं। इसलिए संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके यहां अध्ययनरत छात्र किसी भी ऐसी गतिविधि का हिस्सा न बनें, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र को किसी प्रकार की समस्या या भ्रम हो तो उसे सही जानकारी देकर समझाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन से भी संपर्क किया जाए।

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राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखें संस्थान

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि निजी कोचिंग संस्थान किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि का मंच न बनें। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का वातावरण पूरी तरह अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अनुकूल होना चाहिए।

उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में हुए एक प्रदर्शन के दौरान एफआईआर कर अबतक 32 लोगों की गिरफ्तारी की गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामला भविष्य में उसके करियर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने की स्थिति में संबंधित छात्र को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी सेवाओं में नियुक्ति, चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट निर्माण तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।

छात्रों को गुमराह करने वालों से रहें सतर्क

जिलाधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए कई बार भ्रामक सूचनाएं तेजी से फैलती हैं। छात्र बिना सत्यापन के किसी भी संदेश या अफवाह पर विश्वास न करें। उन्होंने कोचिंग संचालकों एवं छात्रावास प्रबंधन से कहा कि वे छात्रों को डिजिटल माध्यमों पर भी जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, भ्रामक प्रचार या छात्रों को भड़काने का प्रयास दिखाई दे तो इसकी जानकारी तत्काल जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन को दी जाए।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें : एसएसपी

बैठक को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने कहा कि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों, छात्रावास प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों से पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह, उकसावे या भ्रामक सूचना के आधार पर कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। यदि किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

बैठक में प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि यदि कोई व्यक्ति विरोध-प्रदर्शन की आड़ में सरकारी अथवा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, शांति व्यवस्था भंग करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने के निर्धारित कानूनी तरीके हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में हिंसा, तोड़फोड़ या कानून का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

शिक्षा और करियर निर्माण पर दें विशेष ध्यान

बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों एवं छात्रावास अधीक्षकों से अनुरोध किया कि वे विद्यार्थियों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराएं। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों के प्रति प्रेरित किया जाए ताकि वे अपनी ऊर्जा केवल शिक्षा और व्यक्तित्व विकास में लगाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी भी छात्र को परेशान करना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा करना है।

छात्र प्रतिनिधियों ने भी रखे अपने विचार

बैठक में उपस्थित छात्र प्रतिनिधियों एवं कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने भी अपने विचार साझा किए तथा प्रशासन को विश्वास दिलाया कि वे विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने, अफवाहों से दूर रहने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करेंगे।

उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से यह समझाया जाएगा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या उकसावे में न आएं तथा केवल अपने अध्ययन और करियर पर ध्यान केंद्रित करें।

बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

निजी कोचिंग संस्थानों की ओर से Vision Civil Service Centre (बंगाली टोला, लहेरियासराय) के निदेशक अजय किशोर, Bio-Vatika (भटियारीसराय एवं बंगाली टोला) के डायरेक्टर आर. के. राही, Play with Chemistry (मिश्रटोला) के मेंटर एन. के. झा, मिर्जापुर स्थित एक निजी कोचिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित कुमार झा, Vital Biology Centre (मोगलपुरा) के गुरुजी ओ. पी. राय सहित जिले के कई प्रमुख शिक्षकों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रशासन की अपील

बैठक के अंत में जिला प्रशासन ने सभी निजी कोचिंग संचालकों, छात्रावास अधीक्षकों, छात्र प्रतिनिधियों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा दें, उन्हें शिक्षा एवं करियर निर्माण के लिए प्रेरित करें तथा जिले में शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

प्रशासन ने दोहराया कि छात्रों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी भी छात्र को किसी के बहकावे में आने, अफवाहों पर विश्वास करने या ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से बचना चाहिए, जिससे उसके जीवन और करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़े।

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