रामपुर गढ़ौवा के विद्यालय में गुरु वंदन और प्रकृति वंदन का अनूठा संगम, बच्चों ने लिया पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प

उन्नाव। गुरु पूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का पर्व ही नहीं, बल्कि जीवन के उन मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है जो हमें समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं। इसी भावना को साकार करते हुए बुधवार को जनपद उन्नाव के विकासखंड औरास स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर गढ़ौवा में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ‘प्रकृति वंदन एवं गुरु वंदन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने गुरु के सम्मान के साथ-साथ प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।

यह आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन ग्रीन एंड क्लीन यूपी कैंपेन के मुख्य सह संयोजक डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा के निर्देशन में किया गया। यह अभियान प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उन्नाव एवं सीनियर सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्र ‘अपूर्व’ द्वारा संचालित पर्यावरण संरक्षण की व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज में वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की संस्कृति विकसित करना है।
प्रकृति को गुरु मानकर बच्चों ने सीखे जीवन के मूल्य
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदन और प्रकृति वंदन से हुई। बच्चों ने अपने शिक्षकों का सम्मान करते हुए प्रकृति के प्रति भी आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि जिस प्रकार गुरु हमें सही मार्ग दिखाते हैं, उसी प्रकार वृक्ष भी बिना किसी अपेक्षा के जीवनभर मानवता की सेवा करते हैं।

बच्चों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वृक्ष हमें त्याग, धैर्य, सेवा, विनम्रता और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। वे स्वयं धूप, वर्षा और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए दूसरों को छाया, फल, ऑक्सीजन और जीवन प्रदान करते हैं। इसीलिए वृक्ष भी हमारे सच्चे गुरु हैं।
पोस्टरों के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित आकर्षक पोस्टर तैयार किए। बच्चों के पोस्टरों पर लिखे संदेश सभी का ध्यान आकर्षित कर रहे थे।

पोस्टरों पर प्रमुख संदेश थे—
- “वृक्ष मेरा गुरु”
- “मेरा पेड़–मेरी जिम्मेदारी”
- “वृक्ष बिना कुछ माँगे हमें देना सिखाता है”
- “आज का पौधा, कल का जीवन”
- “पेड़ बचेंगे तो भविष्य बचेगा”
इन संदेशों के माध्यम से बच्चों ने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है।
‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधरोपण
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विद्यालय परिसर में “एक पेड़ गुरु के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया गया। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के सम्मान में पौधे लगाए और उन्हें प्रकृति के प्रति अपनी श्रद्धांजलि बताया।

इस अवसर पर गोल्ड मोहर, जामुन, पकड़िया और अमरूद सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी अलग-अलग बच्चों को सौंपी गई ताकि वे उसकी नियमित देखभाल करें और पौधे को सुरक्षित रखते हुए वृक्ष बनने तक उसका संरक्षण करें।
‘एक बच्चा–एक पेड़–एक जिम्मेदारी’ बना अभियान का मुख्य संदेश
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसे केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यालय ने इस पहल को “एक बच्चा–एक पेड़–एक जिम्मेदारी” का स्वरूप दिया।
सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से लिया संकल्प —
“हम पेड़ लगाएंगे और उन्हें बचाएंगे। नियमित पानी देंगे, उनकी सुरक्षा करेंगे और पौधे से वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करेंगे।”
बच्चों ने यह भी कहा कि वे अपने लगाए हुए पौधों को परिवार के सदस्य की तरह संभालेंगे और उनकी सुरक्षा को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानेंगे।
‘हरित गाँव’ बनाने का लिया संकल्प
हाल ही में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ), उन्नाव द्वारा परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के पर्यावरणीय प्रयासों की सराहना किए जाने से उत्साहित बच्चों ने इस अभियान को विद्यालय परिसर तक सीमित न रखने का निर्णय लिया।
विद्यार्थियों ने संकल्प व्यक्त किया कि वे अपने गांव रामपुर गढ़ौवा को एक ‘हरित गाँव’ के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। इसके लिए वे अपने परिवार, पड़ोसियों और ग्रामीणों को भी पौधरोपण तथा पौधों के संरक्षण से जोड़ेंगे।
बच्चों ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो पूरा गांव कुछ वर्षों में हरियाली से आच्छादित हो सकता है।

डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने दिया संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम का मार्गदर्शन कर रहे डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधे जीवित रहेंगे और वृक्ष बनेंगे। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे केवल अपने विद्यालय ही नहीं, बल्कि अपने घर और गांव में भी पर्यावरण संरक्षण के दूत बनें।
उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर गुरु के सम्मान में लगाया गया पौधा केवल एक पौधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है।
ग्रीन एंड क्लीन यूपी कैंपेन को मिली नई ऊर्जा
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रीन एंड क्लीन यूपी कैंपेन को भी नई ऊर्जा मिली। अभियान का उद्देश्य प्रदेश में अधिक से अधिक पौधरोपण कराना, लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।
अभियान से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि बच्चों में प्रारंभ से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो जाए, तो आने वाले समय में समाज स्वतः हरित और स्वच्छ बन सकेगा।
शिक्षकों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम में उपस्थित शशि देवी, इंद्रपाल, रमनजीत कौर एवं शाहे खुबा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत विद्यालय से होकर पूरे समाज तक पहुँचेगी।
शिक्षकों ने कहा कि जिस प्रकार विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, उसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण में भी उनकी सक्रिय भागीदारी समाज के लिए प्रेरणादायी है।

पर्यावरण संरक्षण का बना जनसंदेश
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों, शिक्षकों एवं उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। सभी ने यह संकल्प दोहराया कि वे न केवल पौधे लगाएंगे, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का हर संभव प्रयास करेंगे।
गुरु पूर्णिमा पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि प्रकृति, गुरु और समाज के प्रति जिम्मेदारी का जीवंत संदेश बन गया। बच्चों ने यह साबित किया कि यदि बचपन से ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित की जाए, तो आने वाला भारत अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जागरूक होगा।

“एक पेड़ गुरु के नाम, एक संकल्प हरित गाँव के नाम” की भावना के साथ आयोजित यह पहल न केवल विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनी, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए पर्यावरण संरक्षण का अनुकरणीय उदाहरण भी प्रस्तुत कर गई।

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