दिल्ली की सर्दी ने एक बार फिर लोगों की रफ्तार थाम दी है। राजधानी रविवार सुबह घने कोहरे की चादर में पूरी तरह लिपटी नजर आई। हालात ऐसे रहे कि कई इलाकों में विजिबिलिटी लगभग शून्य तक पहुंच गई। सफदरजंग में जहां देखने की दूरी जीरो दर्ज की गई, वहीं पालम इलाके में यह महज 350 मीटर रही। अक्षरधाम, निजामुद्दीन, बारापुला और डीएनडी जैसे प्रमुख इलाकों में हर तरफ बस कोहरा ही कोहरा दिखा।

मौसम विभाग पहले ही रविवार सुबह के लिए येलो अलर्ट जारी कर चुका था। विभाग के अनुसार, सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। हवा की दिशा बदलने से दिनभर तेज धूप खिली, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री ऊपर चला गया। हालांकि, रात की ठंड अभी भी लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर रही है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे सुबह और रात के समय गलन महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को हल्के बादल आसमान में बने रह सकते हैं। हवा पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी दिशा से चलने के कारण गलन में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
इस बीच, हल्की बारिश को लेकर भी नया अपडेट सामने आया है।े। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार, 17 से 20 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है और इस दौरान हल्की शीतकालीन बारिश की संभावना है। बारिश होने से जहां ठंड में कुछ राहत मिल सकती है, वहीं प्रदूषण के स्तर में भी मामूली सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि राहत ज्यादा दिनों की नहीं होगी। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 23 से 26 जनवरी के बीच एक और शीतलहर दस्तक दे सकती है। इस दौरान तापमान में फिर गिरावट आने की संभावना है और ठंड एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखा सकती है।
उधर, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण भी चिंता बढ़ा रहा है। हवा की धीमी रफ्तार और मौसम की स्थिरता के चलते प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं। हालात बिगड़ने पर ग्रैप-4 की सख्त पाबंदियां फिर से लागू कर दी गई हैं, जिससे निर्माण कार्यों पर रोक और भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कुल मिलाकर, दिल्ली वालों को आने वाले दिनों में कोहरा, ठंड, हल्की बारिश और फिर शीतलहर—चारों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम को देखते हुए सतर्क रहें और जरूरी सावधानियां बरतें।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !