पटना के मुन्नाचक इलाके में स्थित एक हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की रहस्यमयी मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। जिस मामले को शुरुआती जांच में आत्महत्या बताने की कोशिश की गई, अब वही मामला दरिंदगी और हत्या की आशंका की ओर बढ़ता दिख रहा है। पुलिस के हाथ लगे मृतका के मोबाइल फोन ने जांच को एक नया मोड़ दे दिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, छात्रा के मोबाइल में कुछ ऐसे फोन नंबर सामने आए हैं जिन पर घटना से ठीक एक दिन पहले और घटना वाले दिन लगातार बातचीत हुई थी। इन्हीं कॉल डिटेल्स ने जांच एजेंसियों की बेचैनी बढ़ा दी है। सवाल यह है कि आखिर वे कौन लोग थे, जिनसे छात्रा आख़िरी समय में सबसे ज़्यादा बात कर रही थी?
एसआईटी और क्राइम ब्रांच की टीम ने मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। कॉल रिकॉर्ड, चैट, लोकेशन हिस्ट्री और डिलीट किए गए डेटा को खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल ही इस पूरे मामले की “कुंजी” साबित हो सकता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि पांच जनवरी को जहानाबाद से पटना आने के बाद छात्रा ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था, इसका पूरा रिकॉर्ड पुलिस के पास है। इनमें से कुछ लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि कुछ संदिग्ध नंबर अभी भी पुलिस की रडार पर हैं।
हॉस्टल की सहेलियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, हालांकि कोई भी खुलकर कुछ कहने को तैयार नहीं है। वहीं, हॉस्टल के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि रात के समय कई बार संदिग्ध गाड़ियां हॉस्टल के बाहर खड़ी रहती थीं, लेकिन कौन आता-जाता था, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम छात्रा के घर जहानाबाद पहुंची। परिजनों से घंटों पूछताछ की गई। परिवार का कहना है कि पुलिस बार-बार यही जानने की कोशिश कर रही थी कि पटना आने के बाद छात्रा कहां गई थी, किन लोगों से मिली थी। परिजनों ने साफ कहा कि उनकी बेटी पढ़ाई के अलावा कहीं नहीं जाती थी।
अब बड़ा सवाल यह है—क्या मोबाइल से कोई ऐसा राज खुलेगा, जो पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर देगा? क्या यह सिर्फ मौत है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? जवाब जल्द सामने आने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल सस्पेंस और गहराता जा रहा है।
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