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राज प्रताप सिंह (लखनऊ ब्यूरो) :: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण अन्नदाता बदहाल है। भाजपा शुरू से ही कभी भी किसानों की हितैषी नहीं रही। उत्तर प्रदेश में जब से भाजपा सत्तारूढ़ हुई है तब से विगत तीन वर्षों में सैकड़ों किसान कर्ज के कारण आत्महत्या कर चुके हैं। लॉकडाउन में भी किसानों की आत्महत्याएं रुक नहीं रही हैं।
अखिलेश ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा है कि दो माह पूर्व हुई अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसान उबर भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार की रात में फिर से बे-मौसम बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की कमर ही तोड़ दी है। गेहूं की फसल चौपट हो गई और आम के बौर भी झड़ गए। आकाशीय बिजली गिरने से कई की मौतें हुई हैं। इनके आश्रितों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल राज्य सरकार दे। दो माह पहले हुए नुकसान का भी पर्याप्त मुआवजा किसानों को अभी नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण पूरे प्रदेश में दूध की मांग में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है। इससे दूध के कारोबारियों, पशुपालकों और किसानों को भी भारी नुकसान हो रहा है। उनके लिए भी राहत पैकेज घोषित होना चाहिए। किसानों को फसल बीमा, सम्मानराशि आदि तमाम घोषणाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
भाजपा सरकार ने किसान की चिंता छोड़कर कारपोरेट घरानों को मदद देने का एलान कर दिया है। आरबीआई उद्योगपतियों को राहत देने में लगी है, जबकि किसान बैंकों से सस्ते ब्याज पर कर्ज नहीं पा रहा है। गन्ना किसान का बकाया भुगतान भी नहीं हुआ, उल्टे कई जगहों पर तो उसे कर्ज वसूली की नोटिसें दी जा रही है।