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‘टटीहरी’ गाने के विवाद में आज महिला आयोग के सामने बादशाह की पेशी

हरियाणवी गाने ‘टटीहरी’ को लेकर उठे विवाद के मामले में मशहूर रैपर और सिंगर Badshah को आज हरियाणा महिला आयोग के सामने पेश होना है। आयोग ने इस मामले में सुनवाई के लिए उन्हें नोटिस जारी किया था और पानीपत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। यह सुनवाई पानीपत के जिला उपायुक्त कार्यालय में आयोजित की जाएगी, जहां आयोग गायक से गाने में इस्तेमाल किए गए विवादित शब्दों के बारे में स्पष्टीकरण मांगेगा।

हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष Renuka Bhatiya (रेणू भाटिया) ने बताया कि इस मामले की सुनवाई शुक्रवार सुबह 11:30 बजे से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि वह सुबह 11:30 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक कार्यालय में मौजूद रहेंगी और इसी दौरान बादशाह को आयोग के सामने पेश होकर अपनी बात रखनी होगी।

गाने के बोल को लेकर उठा विवाद

दरअसल हाल ही में जारी हुए हरियाणवी गीत ‘टटीहरी’ को लेकर कुछ सामाजिक संगठनों और लोगों ने आपत्ति जताई थी। आरोप लगाया गया कि इस गाने में कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि हरियाणवी संस्कृति के नाम पर बनाए गए इस गीत में ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया है जो सामाजिक मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं।

महिला आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू की और गायक बादशाह को नोटिस जारी कर सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा।

आयोग ने मांगा गाने के शब्दों का स्पष्टीकरण

महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने कहा कि गाने में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों को लेकर लोगों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि अगर इन शब्दों का कोई दूसरा सांस्कृतिक या साहित्यिक अर्थ है तो बादशाह को आयोग के सामने आकर उसे स्पष्ट करना होगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूर है, लेकिन यह स्वतंत्रता समाज की मर्यादा और महिलाओं के सम्मान के साथ समझौता करने की अनुमति नहीं देती। अगर किसी गीत या कंटेंट में ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, तो उस पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

“महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है मामला”

रेणू भाटिया ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि यह केवल एक गाने का विवाद नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी गीत के माध्यम से महिलाओं की छवि को गलत तरीके से पेश किया जाता है तो उस पर कार्रवाई होना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में आयोग की जिम्मेदारी है कि वह महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करे।

पेशी से बचने की कोशिश नहीं चलेगी

महिला आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि इस मामले में बार-बार तारीख लेकर सुनवाई से बचने की कोशिश नहीं की जा सकती। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि अगर बादशाह पेशी में शामिल नहीं होते हैं तो भी आयोग इस मामले में कार्रवाई करेगा।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर आयोग उनके खिलाफ नोटिस जारी कर सकता है। इसके अलावा उनका पासपोर्ट जब्त करने और विदेश यात्रा पर रोक लगाने की सिफारिश भी की जा सकती है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद मामला सामने आया

यह मामला पानीपत के सामाजिक कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद सामने आया था। सामाजिक कार्यकर्ता सविता आर्य और Shiv Aarti India Foundation के निदेशक शिव कुमार ने इस गाने को लेकर महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में कहा गया था कि हरियाणवी संस्कृति का हवाला देकर बनाए गए इस गीत में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ हैं। शिकायतकर्ताओं ने आयोग से मांग की थी कि इस मामले में उचित जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।

पुलिस को भी दिए गए निर्देश

महिला आयोग ने इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं। आयोग ने पानीपत के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि सुनवाई के दौरान समन में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उनकी मौजूदगी सुनिश्चित कराई जाए।

आयोग का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

सुनवाई के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

महिला आयोग के अनुसार सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

अगर जांच में यह पाया जाता है कि गाने के बोल वास्तव में आपत्तिजनक हैं और उन्होंने महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, तो आयोग संबंधित कलाकारों और निर्माताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की सिफारिश कर सकता है।

फिलहाल इस विवाद को लेकर हरियाणा और मनोरंजन जगत में काफी चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा मानते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आज होने वाली सुनवाई के बाद यह साफ हो जाएगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे और महिला आयोग इस विवाद पर क्या फैसला लेता है।

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