हरियाणा के चरखी दादरी जिले में दसवीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म और बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया है ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके और सच्चाई सामने लाई जा सके।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतक निवासी पंकज उर्फ भोलू, साहिल और दादरी निवासी नवीन के रूप में हुई है। जांच अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और रिमांड के दौरान आरोपियों से और जानकारी जुटाई जाएगी।
गार्डन में बेसुध मिली थी छात्रा
मामले की शुरुआत 24 फरवरी को हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि एक किशोरी दादरी के एक गार्डन में बेसुध हालत में पड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थानीय अस्पताल में हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने छात्रा को रोहतक स्थित PGIMS Rohtak रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को बहाने से बुलाकर उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
पिता की शिकायत पर दर्ज हुई गंभीर धाराएं
मृतका के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में चार युवकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने उनकी बेटी को कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया।
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, हत्या समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं और जल्द ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में बदली धाराएं
हालांकि जांच के दौरान पुलिस को हत्या के सीधे साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे संकेत मिलता है कि छात्रा ने मानसिक दबाव और आरोपियों द्वारा उत्पीड़न के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
इसी आधार पर पुलिस ने हत्या की धारा हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ दी है। हालांकि सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बरकरार हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और कॉल डिटेल्स सहित सभी तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।
पुलिस रिमांड में खुल सकते हैं नए तथ्य
जांच अधिकारी का कहना है कि आरोपियों से रिमांड के दौरान घटनास्थल, मोबाइल रिकॉर्ड, आपसी संपर्क और घटना से पहले की गतिविधियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में यह भी सामने आ सकता है कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक घटित हुई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
समाज में बढ़ती चिंता
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में अभिभावकों के मन में भय और चिंता का माहौल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरियों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए समाज, परिवार और प्रशासन तीनों की जिम्मेदारी बनती है। स्कूलों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत बताई जा रही है ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
परिवार को न्याय का इंतजार
मृतका के परिवार ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी के साथ घोर अन्याय हुआ है और दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
परिवार के लोग अभी भी सदमे में हैं और न्याय की उम्मीद में पुलिस जांच पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि यह संवेदनशील मामला है और जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए मजबूत चार्जशीट तैयार की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि किसी के पास घटना से जुड़ी जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को बताएं।
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